बुलेट ट्रेन में सीएम योगी।
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जापान दौरे में हरित ऊर्जा सहयोग को बढ़ावा देते हुए यूनिवर्सिटी ऑफ यामानाशी, यामानाशी हाइड्रोजन कंपनी, आईआईटी कानपुर, हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी, आईआईटी बीएचयू और मदन मोहन मालवीय यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के सहयोग से ग्रीन हाइड्रोजन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की घोषणा की गई।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में 500 एकड़ में ‘जापान सिटी’ विकसित की जाएगी, जहां जापानी कंपनियों के लिए औद्योगिक वातावरण तैयार होगा। इन्वेस्ट यूपी में जापान डेस्क को और सुदृढ़ किया जाएगा, जिसकी मॉनिटरिंग सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय करेगा। जापान उत्तर प्रदेश के एमएसएमई क्षेत्र में भी तकनीक हस्तांतरण, कौशल विकास, संयुक्त उपक्रम एवं सप्लाई चेन एकीकरण को बढ़ावा देगा।
बौद्ध सर्किट और रामायण सर्किट को जोड़ा जाएगा
उत्तर प्रदेश और जापान के बीच पर्यटन प्रोत्साहन के लिए बौद्ध सर्किट और रामायण सर्किट को जोड़ते हुए आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं विरासत पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे न केवल दोनों देशों के निवासियों के बीच संबंध सुदृढ़ होंगे, बल्कि नए निवेश अवसर भी खुलेंगे। जापानी उद्योगों की जरूरत के अनुरूप भाषा व तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम के जरिये कार्यबल तैयार किया जाएगा।
सिंगापुर में भी बड़े निवेश समझौते
सिंगापुर में इन्वेस्टर रोड शो के दौरान टीम यूपी को एमआरओ, कार्गो हब, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स, स्किलिंग और फिनटेक जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर सहमति बनी। मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के शीर्ष नेतृत्व राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उपप्रधानमंत्री से मुलाकात की। जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एमआरओ और कार्गो हब के रूप में विकसित करने पर बात हुई।