एआई आधारित सर्विलांस से होगा भीड़ व सुरक्षा प्रबंधन
सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक का अधिकतम प्रयोग करें। उन्होंने ट्रैफिक व भीड़ मैनेजमेंट के लिए ठोस और बहुस्तरीय योजना बनाने के निर्देश दिए।
अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मेला क्षेत्र में एआई आधारित सर्विलांस व भीड़ मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने पुलिसकार्मिकों के बेहतर व्यवहार के लिए आवश्यक प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। उन्होंने एनएसएस स्वयंसेवकों और एनसीसी कैडेट के सहयोग लेने साथ ही नाविकों के साथ संवाद और समन्वय बनाने, खान-पान व विभिन्न सेवाओं के शुल्क को नियंत्रित रखने के निर्देश भी दिए।
पहली बार ऐप आधारित बाइक टैक्सी, क्यूआर कोड
मुख्यमंत्री ने कहा कि माघ मेला को सुविधाओं और तकनीक के स्तर पर एक नया मानक बनना चाहिए। बैठक में बताया गया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ऐप आधारित बाइक टैक्सी सेवा, दिशा सूचक संकेतों की व्यवस्था, विद्युत पोलों पर क्यूआर कोड आधारित पहचान प्रणाली, निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए रिंग मेन यूनिट, कटाव रोकने के लिए जियो-ट्यूब तकनीक आदि लागू की जा रही हैं।
स्वच्छता पर विशेष फोकस, सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध
मुख्यमंत्री ने सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रतिबंध पर जोर देते हुए कहा कि माघ मेला स्वच्छता का उदाहरण बने। बैठक में जानकारी दी गई कि मेला क्षेत्र में 16,650 शौचालयों की स्थापना की जा रही है।
लगभग 3300 सफाई मित्रों की 24 घंटे तैनाती की जाएगी। उनके लिए सैनीटेशन कॉलोनी, बच्चों के लिए आंगनबाड़ी और प्राथमिक विद्यालय जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मेले में कार्यरत स्वच्छताकर्मियों के मानदेय का भुगतान हर हाल में 15 दिन के अंदर कर दिया जाए।
19वीं-20वीं शताब्दी के लोक अभिलेख और दुर्लभ पांडुलिपियां बनेंगी आकर्षण
इस वर्ष पर्यटन व संस्कृति विभाग के माध्यम से माघ मेला के दौरान लोकनृत्य, लोकनाट्य, भजन-कीर्तन, रामलीला तथा प्रदेश की समृद्ध कला-संस्कृति पर आधारित कार्यक्रम व प्रदर्शनी आयोजित की जाएंगी।
साथ ही 19वीं व 20वीं शताब्दी के प्रारंभिक माघ मेला आयोजनों की प्रशासनिक व्यवस्थाओं से संबंधित लोक अभिलेखों तथा सनातन परंपरा व अध्यात्म से जुड़ी दुर्लभ पांडुलिपियों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।