सीएम योगी ने 2017 से पहले डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव बैंक की दुर्दशा का जिक्र करते हुए बताया कि 16 बैंक डिफॉल्टर घोषित हो गए थे। रिजर्व बैंक ने उनके लाइसेंस जब्त कर लिए थे, लेकिन अब यूपी के को-ऑपरेटिव बैंक डिफॉल्टर और बीमार नहीं हैं, बल्कि स्वयं स्वस्थ हैं और को-ऑपरेटिव से जुड़े सदस्यों के साथ ही किसान की समृद्धि में भी योगदान दे रहे हैं। शासन की अनेक योजनाओं को बढ़ाने का कार्य भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार ने एम पैक्स को 10 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण की सीमा दी है। इसे बढ़ाकर 15 लाख रुपये करने की दिशा में कदम बढ़ाएंगे, लेकिन उससे पहले मैनपॉवर की कमी पूरा करेंगे।
सीएम ने बताया कि 6760 एमपैक्स को उर्वरक व्यवसाय के लिए 10 लाख रुपये ब्याज मुक्त ऋण स्वीकृत किया गया है। इससे निरंतर उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित हुई है। हम लोगों ने प्रयास किया है कि प्रदेश में जितना भी फर्टिलाइजर, पेस्टिसाइड, केमिकल का वितरण होता है, उसका आधा को-ऑपरेटिव से जुड़े एम पैक्स, साधन सहकारी समितियों के माध्यम से वितरित हो, लेकिन इसके लिए मैनपॉवर को पूरा करना पड़ेगा। प्रत्येक में यह व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे तो किसान जुड़ेगा और सदस्य संख्या बढ़ेगी। एम पैक्स द्वारा 6400 करोड़ का व्यवसाय किया गया और 191 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया गया। 161 एम पैक्स ने जनऔषधि केंद्र के रूप में जेनरिक दवा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। इसके माध्यम से उन्होंने अब तक 1 करोड़ 86 लाख रुपये से अधिक का व्यवसाय किया है।
नाबार्ड से ए श्रेणी बैंक के रूप में यूपी स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक ने खुद को किया स्थापित
सीएम योगी ने कहा कि यूपी स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक अब नाबार्ड से ए श्रेणी बैंक के रूप में खुद को स्थापित किया है। आज प्रदेश में इसके द्वारा 40 शाखाएं संचालित हो रही हैं। सभी 50 जिला को-ऑपेरिटिव बैंक अब लाभांश कमा रहे हैं। पहले कई बीमार थे और बाकी भी बीमार होने की तरफ बढ़ रहे थे। समय रहते उस बीमारी का उपचार किया गया तो सभी स्वस्थ हो गए। 2024-25 में को-ऑपरेटिव बैंक ने 162 करोड़ दो लाख से अधिक का लाभ कमाया है।
सीएम योगी ने कहा कि अच्छी सरकार आती है तो यही होता है। पिछली सरकारें वन डिस्ट्रिक्ट- वन माफिया पालती थी। को-ऑपरेटिव क्षेत्र पिछली सरकारों के माफियाराज के कारण बर्बाद हो गया है। किसानों की पूंजी फंस गई थी। धीरे-धीरे करके किसानों का 4700 करोड़ रुपये वापस कराया। अब बैंक फिर से अपना काम करते हुए बढ़ रहा है। प्रदेश को माफिया से मुक्ति मिली। अब वन डिस्ट्रिक्ट, वन को-ऑपरेटिव बैंक की दिशा में प्रदेश बढ़ रहा है। बलरामपुर में नए जिला को-ऑपरेटिव बैंक के गठन की कार्रवाई बढ़ चुकी है।
सहकारिता आंदोलन के भविष्य का शिल्पी है युवा
सीएम योगी ने कहा कि हमारा युवा सहकारिता आंदोलन के भविष्य का शिल्पी है। युवा सहकार सम्मेलन प्रदेश की समृद्धि में मील का पत्थर साबित होगा। पीएम ने भारत सरकार के माध्यम से ‘सहकार से समृद्धि’ व ‘सहकार से आत्मनिर्भरता’ का विजन दिया है कि 2047 में विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में सहकारिता आंदोलन को उतनी ही मजबूती से आगे बढ़ाना पड़ेगा। सीएम ने युवाओं से अपील की कि सहकारिता के शिल्पकार बनने की दिशा में प्रशिक्षण लें। उस दिशा में ईमानदारी पूर्वक पहल को बढ़ाएं। साथ ही टीमवर्क से परिणाम देने की दिशा में कार्य करें।
इस दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण, सांसद बृजलाल, विधायक डॉ. नीरज बोरा, योगेश शुक्ल, राजेश्वर सिंह, अमरीश कुमार, जय देवी, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा, पवन सिंह चौहान, उमेश द्विवेदी, इंजी. अवनीश सिंह, रामचंद्र प्रधान, उप्र स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष जितेंद्र बहादुर सिंह आदि मौजूद रहे।