मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अपने सरकारी आवास पर अनुसूचित जाति के गरीब व्यक्तियों के सर्वांगीण विकास के लिए ‘नवीन रोजगार छतरी योजना’ का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आर्थिक समानता ही सामाजिक समानता का आधार बनती है।
अगर एक तबका मजबूत हो जाए और दूसरा तबका कमजोर हो, तो ऐसा समाज कभी आत्मनिर्भर नहीं बन सकता है। संतुलन न केवल सामाजिक बल्कि आर्थिक स्तर पर भी होना चाहिए। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मूल मंत्र के तहत कार्य कर रही है।
इस अवसर पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्वरोजगार योजना के 3,484 लाभार्थियों के खातों में 17 करोड़ 42 लाख रुपये ऑनलाइन हस्तांतरित किए गए। मुख्यमंत्री ने रायबरेली, गोरखपुर, बस्ती, मेरठ, आजमगढ़ और मुरादाबाद के लाभार्थियों से संवाद भी किया।
लाभार्थियों ने उन्हें बताया कि वे इस राशि का उपयोग परचून की दुकान, जनरेटर सेट, लॉन्ड्री व ड्राई क्लीनिंग, साइबर कैफे, टेलरिंग, बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट, टेंट हाउस, गौ-पालन आदि के लिए करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक महामारी कोविड-19 से न केवल आर्थिक जगत के साथ ही सामाजिक और अन्य व्यवस्थाएं भी प्रभावित हुई हैं। इन परिस्थितियों में भी प्रदेश सरकार लोगों को आर्थिक मदद देकर उन्हें स्वावलंबी बनाने का कार्य कर रही है।
बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर व अन्य महापुरुषों ने सामाजिक समानता का जो सपना देखा था, उसे अमलीजामा पहनाने का कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार कर रही है।
प्रधानमंत्री ने गरीबों के कल्याण के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की। इसके माध्यम से गरीब, दलित, वंचित लोगों को मदद पहुंचाई जा रही है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से गरीबों को मुफ्त अनाज दिया जा रहा है।