मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व जनसंख्या दिवस पर शनिवार को अपने आवास से जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़े की शुरुआत करते हुए कहा कि जनसंख्या स्थिरीकरण से प्रत्येक नागरिक को स्वस्थ और सुंदर परिवार की ओर अग्रसर किया जा सकता है। व्यापक जागरूकता के जरिए प्रत्येक नागरिक के मन में यह भाव जागृत करना होगा कि जनसंख्या स्थिरीकरण कितना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि तमाम उपायों के बावजूद प्रदेश में जनसंख्या का घनत्व और सकल जन्मदर देश की तुलना में काफी ज्यादा है। देश में सकल जन्मदर 2.2 है, जबकि उत्तर प्रदेश में 2.7 है। इसका प्रभाव प्रदेश की शिशु और मातृ मृत्यु दर पर भी दिखता है।
योगी ने इस अवसर पर लखनऊ, गोंडा, वाराणसी, अलीगढ़, मुरादाबाद, बरेली और मिर्जापुर जिलों में बीएसएल टू आरटी पीसीआर लैब का लोकार्पण भी किया। इसके साथ ही सभी मंडलों में आरटी पीसीआर से कोविड-19 जांच की सुविधा उपलब्ध हो गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चार महीने पहले जब प्रदेश में पहला कोविड-19 केस आया था, तब यहां जांच के लिए एक भी लैब नहीं था। केजीएमयू में प्रतिदिन 60 टेस्ट करने की क्षमता के साथ लैब शुरू हुआ। शुक्रवार तक प्रदेश में 38 हजार टेस्ट करने की क्षमता विकसित हो चुकी है।
दो दिन के विशेष अभियान को सफल बनाने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड के प्रसार और बारिश के मौसम को देखते हुए विषाणु जनित बीमारियों और संचारी रोगों को रोकना है। माह के दूसरे शनिवार और रविवार को सरकारी कार्यालय बंद रहते हैं।
इसे मौका मानते हुए दो दिन का विशेष अभियान शुरू किया गया है। बंदी के दौरान दो दिन सभी लोग घर में रहेंगे। व्यापारिक प्रतिष्ठान भी बंद रखेंगे। इस दौरान स्वच्छता, सैनिटाइजेशन, फॉगिंग, मेडिकल स्क्रीनिंग, रैपिड टेस्ट से संदिग्धों की जांच की जाएगी।