फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP : सीएम योगी आदित्यनाथ का एलान, भरतपुर के नाम से जाना जाएगा वन ग्राम भरथापुर, विस्थापितों को मिलेगा घर

Wed, 25 Mar 2026 04:35 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, मिहींपुरवा (बहराइच)

सार

मुख्यमत्री योगी आदित्यनाथ ने गांव भरथापुर के विस्थापन को लेकर बन रही नई कालोनी का नाम भरतपुर रखने का एलान किया है। इस मौके पर उन्होंने 10 महिलाओं को अपने हाथों से भूमि आवंटन पत्र सौंपा। 
विज्ञापन
सीएम योगी ने सौंपा भूमि आवंटन पत्र। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत के आखिरी गांव भरथापुर के विस्थापन को लेकर बन रही नई कालोनी का नाम बुधवार को कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भरतपुर रखने का एलान किया। मुख्यमंत्री ने 136 परिवारों को आवास व भूमि आवंटन पत्र का चेक वितरण किया। मंच पर 10 महिलाओं को मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से भूमि आवंटन पत्र सौंपा। नए भरतपुर को बसाने के लिए 21 करोड़ 55 लाख 55 हजार 951 रुपये जारी किया गया।

विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने 29 अक्तूबर 2025 को हुए नाव हादसे की याद दिलाते हुए कहा कि याद करिए, जब भरथापुर गांव से जुड़ी नाव बाजार से सामान खरीदकर जाते समय सरयू की धारा में विलीन हो गई थी। उस समय जब मैने प्रशासन से बातचीत की तो पता चला कि जहां दुर्घटना हुई है, वहां घड़ियाल व मगरमच्छ रहते हैं। मैं अंदर से कांप गया कि गांव के लेाग कैसे रहते हैं, उनकी पीड़ा महसूस किया और मैं खुद गया। राहत कार्य को आगे बढ़वाया। हादसे में नौ लोगों की मौत हुई थी। सीएम योगी ने कहा कि आज इन परिवारों को हम लोग वहां से लेकर तहसील के ही सेमरहना गांव में विस्थापित कर रहे हैं।

ये भी पढ़ें - योगी सरकार का बड़ा फैसला, रामनवमी पर दो दिन का अवकाश; अब 27 मार्च को भी छुट्टी घोषित
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - रामनवमी पर पूरे दिन खुला रहेगा राम मंदिर, रामलला को छह क्विंटल पंजीरी का लगेगा भोग
विज्ञापन


...इसलिए कालोनी का नाम रखा भरतपुर
मुख्यमंत्री ने कहा कि चैत्र नवरात्र में भगवान राम का जन्म हुआ था। भगवान राम का अपने भाई भरत से जितना स्नेह था वही स्नेह रामनवमी के अवसर पर बस रहे भरतपुर और सेमरहना गांव के बीच रहे यही कामना है। इसलिए इस कालोनी का नाम भरतपुर रखा जाए।

विस्थापित मुन्नालाल ने जताया आभार
भरथापुर निवासी मुन्नालाल मौर्य ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि गांव तीन ओर से नदियों से घिरा हुआ है। किसी तरह की सुविधा नहीं है। नाव ही सहारा है। शौचालय, विद्यालय जैसी मूलभूत समस्याओं से लोग जूझ रहे थे। जमीन नदी में कट चुकी है। रोजगार नहीं है। उन्होंने कहा कि 29 अक्तूबर को हुए नाव हादसे के बाद सीएम ने तुरंत संज्ञान लेकर पीड़ा हर ली है। आज सीएम के निर्देश पर समस्या का समाधान हो रहा है। गांव बसाया जा रहा है। हम सब लोग बहुत खुश है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें