फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: प्रदेश में अवैध धर्मांतरण में जाकिर नाईक की संस्थाओं से फंडिंग के सुराग, ईडी का कुछ प्रतिष्ठानों पर शक

Sun, 20 Jul 2025 09:39 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

Conversion in UP: प्रदेश में अवैध धर्मांतरण के लिए विदेशों से फंडिंग के तार भगोड़े इस्लामिक कट्टरपंथी जाकिर नाईक से जुड़ रहे हैं। इस मामले में ईडी जल्द ही विस्तृत जांच कर सकती है। 
विज्ञापन
जाकिर नाईक - फोटो : एएनआई (फाइल)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 प्रदेश में अवैध धर्मांतरण के लिए विदेशों से फंडिंग के तार भगोड़े इस्लामिक कट्टरपंथी जाकिर नाईक से जुड़ रहे हैं। केंद्रीय खुफिया एजेंसियाें के अलावा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को भी इससे जुड़े कुछ सुराग हाथ लगे हैं। हैरानी की बात यह है कि इस फंडिंग को दिलाने के पीछे प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के कुछ पदाधिकारियों की भूमिका बताई जा रही है। फिलहाल ईडी इसकी गहनता से जांच कर रही है, वहीं एटीएस भी इस पहलू को खंगाल रही है।

विज्ञापन


दरअसल, बलरामपुर में अवैध धर्मांतरण का सिंडीकेट चला रहे जमालुद्दीन उर्फ छांगुर को विदेशी संस्थाओं से फंडिंग हो रही थी। वहीं आयकर विभाग ने भी बीते फरवरी माह में नेपाल सीमा पर छापा मारकर अवैध धर्मांतरण के साथ मस्जिद, मदरसों और मजारों के निर्माण के लिए दक्षिण भारत के कुछ राज्यों से फंडिंग होने के पुख्ता सुराग मिले थे। जांच में सामने आया है कि यह फंडिंग भी विदेश से हो रही है। इसमें यूएई, तुर्किए, दुबई, कनाडा, अमेरिका, यूके की कुछ इस्लामिक संस्थाएं संलिप्त हैं। उनका निशाना यूपी में नेपाल सीमा के जिले हैं, जहां पर मुस्लिम आबादी को बढ़ाने की कवायद भी चल रही है। इसकी विस्तृत रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेजे जाने के बाद से ही खुफिया एजेंसियां सक्रिय होने के साथ फंडिंग की मनी ट्रेल का पता लगा रही हैं।

धर्मांतरण के लिए कुख्यात
बता दें कि जाकिर नाईक अवैध तरीके से धर्मांतरण के लिए कुख्यात है। उसकी संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन पर सुरक्षा एजेंसियों का शिकंजा कसने के बाद वह मलेशिया फरार हो गया था। वह विदेश से भी लगातार मुस्लिम युवाओं को हिंदुओं का धर्मांतरण कराने के लिए बरगलाता रहता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें