लोकसभा चुनाव से ऐन पहले पाला बदलकर भाजपा में आने वाले विधायक भी कोई करिश्मा नहीं कर सके। राज्यसभा चुनाव के दौरान सपा के विधायकों ने भाजपा प्रत्याशी का समर्थन कर जिता दिया था। इसके एवज में वाई श्रेणी की सुरक्षा से नवाजा गया।
सपा के मनोज पांडेय, राकेश पांडेय अभय सिंह, राकेश प्रताप सिंह, पूजा पाल और विनोद चतुर्वेदी को लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीत का जिम्मा दिया गया। ये सभी अपनी विधानसभा में वोट की बढ़त लेकर बीजेपी में जीत की गारंटी लेकर आए।
गोसाईगंज से सपा विधायक अभय सिंह की विधानसभा में सपा के लालजी वर्मा को भाजपा प्रत्याशी से 17 हजार से ज्यादा वोट मिले। जलालपुर विधानसभा के राकेश पांडेय अपने ही बेटे रीतेश पांडेय को सपा प्रत्याशी से ज्यादा वोट नहीं दिला सके।
सपा ने 27 हजार से ज्यादा वोट पाए। ऊंचाहार से सपा विधायक मनोज पांडेय की विधानसभा रायबरेली लोकसभा में आती है। यहां से भाजपा 3.90 लाख वोटों से हार गई। गौरीगंज से राकेश प्रताप सिंह और अमेठी से महाराजी देवी विधायक हैं, जो भाजपा में आए। यहां भी भाजपा 33 हजार और 40 हजार वोटों से पीछे रहीं। यानी दूसरे दलों से आने वाले दिग्गज नेताओं का जलवा भी अपनी विधानसभा में नहीं चला।