अपर मुख्य सचिव ने कहा कि पाठकों व छात्रों में किताब पढ़ने की रुचि जारी करने के उद्देश्य से ''बुके नहीं सिर्फ बुक'' अभियान शुरू किया जाए। सभी विद्यालयों व राजकीय जिला पुस्तकालयों में होने वाली प्रतियोगिताओं व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के विजेताओं, प्रतिभागियों को ट्रॉफी या स्मृति चिह्न की जगह किताबें दी जाएं। विद्यालय व पुस्तकालय के सभी शिक्षक-कर्मचारी खुद भी किताब पढ़ें ताकि छात्रों में इसके प्रति रुचि पैदा हो।
किताबों पर चर्चा, निबंध, वर्तनी प्रतियोगिता भी
पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सुझाव दिया है कि विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट कार्य के लिए किताबों का संदर्भ लेने के लिए प्रोत्साहित करें। किताबों पर चर्चा की जाए, उनको विचार व कहानियां लिखने के लिए प्रेरित करें। किताबों पर आधारित प्रश्नोत्तरी, निबंध, वर्तनी प्रतियोगिता, दीवार पत्रिका आदि का आयोजन किया जाए। छात्रों को उनकी रुचि के अनुसार किताबों को पढ़ने का सुझाव दें।