राजधानी के सिविल अस्पताल में सोमवार सुबह मुख्यमंत्री ने कोरोना वैक्सीन की पहली डोज ली। मुख्यमंत्री के आने से पहले बूथ में सामान्य लोगों की एंट्री पर रोक लगा दी गयी। पूरे परिसर को छावनी में बदल दिया गया था।
सीएम योगी सुबह सिविल अस्पताल पहुंचे। उन्हें बूथ पर ले जाया गया। स्टाफ नर्स रश्मि ने मुखमंत्री को टीका लगाया। टीका लगवाने बाद कुछ देर इंतजार बाद मुख्यमंत्री वापस लौट गए। वैक्सीन लगवाने के बाद उन्होंने कहा कि वैक्सीन लेने के बाद भी सभी सावधानियां बरतें। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इनकी वजह से ही टीका मुफ्त में लगाया जा रहा है। मैं देश के वैज्ञानिकों को भी धन्यवाद देता हूं। उन्होंने कहा कि कोरोना टीका पूरी तरह से सुरक्षित है और अपनी बारी आने पर हम सभी को इसे लेना चाहिए।
राज्यमंत्री मोहसिन रजा ने भी लगवाया टीका
अल्पसंख्यक कल्याण, वक्फ एवं हज राज्यमंत्री मोहसिन रजा ने सोमवार को अपनी पत्नी फौजिया के साथ सिविल अस्पताल में कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगवाई। वैक्सीन लगवाने के बाद मोहसिन ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करना चाहता हूं कि उन्होंने देश के उन वैज्ञानिकों का मनोबल बढ़ाया और पूर्ण सहयोग किया जो कोरोना वैक्सीन बनाने के लिए काम कर रहे थे।
बता दें कि यूपी में रविवार को कोरोना के रिकॉर्ड 4164 नए मरीज मिले थे और 31 संक्रमित मरीजों की मौत हो गई थी। मात्र 24 घंटे में इतनी बड़ी संख्या में यह मरीज मिले हैं। इससे पहले 27 सितंबर 2020 को चार हजार से अधिक मरीज मिले थे। जबकि प्रदेश में कोरोना संक्रमण जब उच्चतम स्तर पर था तब 11 सितंबर को अधिकतम 7103 नए मरीज मिले थे। वर्तमान में प्रदेश में 19738 एक्टिव मरीज हैं।
अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने रविवार को बताया था कि प्रदेश में अब तक 6,01,440 लोग कोविड-19 से ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। शनिवार को कुल 1,77,695 नमूनों की जांच की गई थी। इस तरह प्रदेश में अब तक कुल 3,54,13,966 नमूनों की जांच की जा चुकी हैं।
वर्तमान में मौजूद 19,738 कोरोना के एक्टिव मामलों में से 10,666 लोग होम आइसोलेशन में हैं। निजी चिकित्सालयों में 434 मरीज अपना इलाज करा रहे हैं। इसके अतिरिक्त अन्य मरीज सरकारी अस्पतालों में फ्री इलाज करा रहे हैं। कुल 8881 मरीजों की मौत हो चुकी है।