लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा मतदाता सूचियों में गड़बड़ी को लेकर लगाए गए आरोपों के बाद कर्नाटक और महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी ने उन्हें पत्र लिखकर जवाब मांगा है। इस पत्र में उनसे कहा गया है कि वह निर्वाचन नियमों के तहत शपथपत्र भरकर उन मतदाताओं के नाम दें, जिनके बारे में उन्होंने दावा किया है कि या तो वे अयोग्य होकर भी सूची में हैं या योग्य होते हुए भी सूची से बाहर कर दिए गए हैं।
राहुल गांधी ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र, कर्नाटक और कुछ अन्य राज्यों की मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है। उन्होंने कहा कि लाखों ऐसे नाम जोड़े गए हैं, जो अयोग्य हैं और वहीं लाखों योग्य मतदाताओं के नाम सूची से गायब कर दिए गए हैं। राहुल ने इसे 'वोट की चोरी' बताया और कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता और विश्वसनीयता अब सवालों के घेरे में है।
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दिल्ली में गुरुवार को विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक की बड़ी बैठक हुई। बैठक कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आवास में हुई। इस दौरान मतदाता सूची पुनरीक्षण के खिलाफ विपक्ष ने एकजुटता दिखाई और 11 अगस्त को संसद से चुनाव आयोग तक मार्च निकालने का फैसला किया।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, 'आज राहुल गांधी ने विपक्षी गठबंधन इंडिया के नेताओं और अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्रियों को अपने आवास पर बातचीत के लिए आमंत्रित किया। लगभग 24 दलों के नेता यहां मौजूद रहे। शरद पवार, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, तेजस्वी यादव, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला और कई अन्य वरिष्ठ नेता यहां मौजूद रहे। यहां एक सकारात्मक माहौल है, संवाद का माहौल है।
जिस तरह हमने संसद में जनहित और राष्ट्रहित में सरकार से एकजुट होकर सवाल किए, उनसे महत्वपूर्ण सवाल पूछे- संवाद, मित्रता और सद्भाव का वही माहौल हमें राहुल गांधी के आवास पर देखने को मिला। उन्होंने फर्जी मतदाताओं और फर्जी मतदान के मुद्दे पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने इस पर सबूतों के साथ बात की। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के मन में इस बारे में सवाल थे। इसी पर बातचीत हो रही है। राहुल गांधी ने आज जो सबूत सबके सामने पेश किए, वही सबूत नेताओं के सामने भी पेश किए जा रहे हैं।