सीईसी ने किया ओके
सीईसी ने मतदाता सूची पुनरीक्षण या चुनाव के काम में लगे संविदा कर्मियों के साथ को हादसा होने पर उन्हें बीमा का लाभ दिए जाने की मांग पर भी विचार करने का आश्वासन दिया। संविदा कर्मी जो बीएलओ का काम कर रहे हैं, उन्होंने यह मांग उठाई।
ऑफलाइन सूची बनाने के विकल्प पर करेंगे विचार
ग्रामीण क्षेत्रों के बीएलओ ने कहा कि गांव में इंटरनेट की कनेक्टिविटी के कारण कई बार ऑनलाइन सूची बनाने में दिक्कतें आती हैं। ऐसे में उन्हें ऑफलाइन सूची बनाने का भी विकल्प मिले। जिस पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने विचार करने का आश्वासन दिया।
गंगोत्री की मिंटा देवी की मांग पर बढ़ाया मानदेय
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि वह अपनी पत्नी के साथ गंगोत्री दर्शन को गए। यहां पर गंगोत्री बूथ नंबर तीन की बीएलओ मिंटा देवी ने ईसीआईनेट पर अपने यहां के सीईओ का नाम आंध्र प्रदेश से मैपिंग कर दिखाया तो वह चकित रह गए। चलते-चलते मिंटा देवी ने कहा कि कम से कम इतना मानदेय मिले की स्मार्ट मोबाइल फोन कि्त पर ले सकें।
यह मोबाइल कभी पति ले लेते हैं तो कभी बच्चा ऑनलाइन पढ़ाई करने लगता है। ज्ञानेश कुमार ने कहा कि जब वह दिल्ली वापस लौटे तो मेरी पत्नी ने मिंटा देवी की मांग याद दिलाई और फिर बीएलओ सहित अन्य कर्मियों का मानदेय बढ़ाने की घोषणा की गई।
तकनीक के उपयोग में आयोग काफी कुशल
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि भारत में एक्स को 2.5 करोड़ लोगों ने डाउनलोड किया है, जबकि ईसीआईनेट एप को 12 करोड़ लोग डाउनलोड कर चला रहे हैं। चुनाव आयोग तकनीकी रूप से काफी कुशल है।
दिव्यांगों को घर पर वोट डालने की सुविधा है
लखनऊ की बीएलओ दिपाली निगम ने कहा कि उनके यहां कई मतदाता ऐसे हैं जो चलने-फिरने में सक्षम नहीं हैं लेकिन वोट डालना चाहते हैं। चुनाव आयोग सिर्फ 85 साल के ऊपर के बुजुर्गों को ही घर पर वोट डालने की सुविधा दे रहा है। उनके सवाल का जवाब यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने दिया उन्होंने कहा कि दिव्यांगों के लिए कोई उम्र सीमा नहीं है। वह फॉर्म 12-डी भरकर घर पर वोट डालने की सुविधा ले सकते हैं।
एआई को लेकर जल्दबाजी में नहीं
यह भी सुझाव आया कि एआई का प्रयोग मतदाता सूची व चुनाव कार्यों में किया जाए। ज्ञानेश कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग एआई के प्रयोग को लेकर जल्दबाजी में नहीं है। चुनाव तकनीक के आधीन नहीं हो सकता।