प्रीपेड स्मार्ट मीटर के घटिया पाए जाने के बाद पावर कॉरपोरेशन में हड़कंप मचा है। अब मीटर आपूर्ति करने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है। यही नहीं मीटरों की तकनीकी जांच कर खरीद के लिए मंजूरी देने वाले अभियंताओं पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
दरअसल, प्रदेश में लग रहे प्रीपेड स्मार्ट मीटर की उच्च स्तरीय जांच कराई गई है। इसमें कई तरह की खामियां मिली हैं। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बृहस्पतिवार को पावर कॉरपोरेशन अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल को पूरे प्रकरण की जानकारी दी। इस पर अध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि घटिया मीटर निर्माता कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्हें प्रदेश में काम नहीं करने दिया जाएगा। जब तक मीटरों में मिली कमियां दूर नहीं होगी तब तक किसी भी कंपनी को भुगतान नहीं किया जाएगा। कंपनियों का यूजर एक्सेप्टेंस टेस्ट (यूएटी) भी पास नहीं होने दिया जाएगा। सभी कंपनियों को उच्च गुणवत्ता वाले मीटर देने पड़ेंगे। किसी भी उपभोक्ता के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। पावर कॉरपोरेशन हर स्तर पर गुणवत्ता का ध्यान रख रहा है।
कहीं बिहार जैसी हालत न हो जाए
अवधेश वर्मा ने डॉ. गोयल को यह भी बताया कि बिहार में करीब 18 लाख स्मार्ट प्रीपेड रिचार्ज नहीं हो रहे हैं। इससे वहां हंगामा मचा है। वहां भी यही कंपनियां कार्य कर रही थीं। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं प्रदेश की हालत भी बिहार जैसी न हो जाए। वर्मा ने कहा कि मीटरों की गड़बड़ी मिलने के बाद पावर कॉरपोरेशन की ओर से तीन से चार नोटिस जारी किया गया है, लेकिन अभी तक कंपनियों ने जवाब नहीं दिया है। ऐसे में इन कंपनी के मीटर लगाने पर प्रतिबंध लगना चाहिए।