चन्द्रशेखर आजाद और मायावती।
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मायावती ने कहा कि जब कांग्रेस की केंद्र में सरकार थी तब सबसे पहले भाजपा ने ईवीएम को मशीन बताकर विरोध किया था कि इसकी चिप को हैक किया जा सकता है। इसका प्रमाण देते हुए किताब भी प्रकाशित की थी। वहीं बसपा ने शुरू से ही ईवीएम का विरोध किया है। बसपा दलित, अति-पिछड़े वर्गों, सामान्य वर्ग के गरीब लोगों के हित में बनी पार्टी है। ऐसे लोगों को यकीन हैं कि उनका वोट ईवीएम की धांधली की वजह से बसपा के बजाय किसी और के पास चला जाता है। इसका दुरुपयोग कर कांग्रेस भी चुनाव जीत जाती है। ईवीएम ज्यादातर देशों में इस्तेमाल नहीं होती है। अपने देश में भी इस पर रोक लगनी चाहिए।
सांसद चंद्रशेखर आजाद ने मीडिया से बातचीत में मायावती के द्वारा दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें जो लिखकर दिया जाता है, वही बोलती हैं। मायावती को अपना लिखने वाला बदल लेना चाहिए। चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि वह फिर से चुनाव मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं और उन्हें जनता के बीच जाने में कोई संकोच नहीं है।