फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: कोविड लॉकडाउन के दौरान विधायकों-सांसदों पर लगे केस लिए जाएंगे वापस, खत्म हो चुके हैं साढ़े तीन लाख मामले

Sat, 06 Dec 2025 06:56 AM IST
रोहित मिश्र अजीत बिसारिया, अमर उजाला ब्यूरो लखनऊ

सार

Covid lockdown: यूपी में कोविड लॉकडाउन में उल्लंघन करने में सांसद और विधायकों पर लगे मामले खत्म किए जाएंगे। आम आदमियों के खिलाफ भी यह मामले खत्म किए गए हैं। 
विज्ञापन
कोविड लॉकडाउन के मामले होंगे खत्म। - फोटो : डेमो पिक।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोविड लॉकडाउन के आदेशों के उल्लंघन के दौरान विधायकों और सांसदों (एमएलए-एमपी) पर लगे केस वापस लिए जाएंगे। ऐसा उन्हीं मामलों में होगा, जिनमें दो वर्ष या उससे कम सजा का प्रावधान है। इस संबंध में आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के लिए उच्चस्तर पर सहमति बन चुकी है।

विज्ञापन


उत्तर प्रदेश कोविड-19 महामारी के दौरान 2020 और 2021 में लॉकडाउन घोषित किया गया। लॉकडाउन से संबंधित निर्देशों का उल्लंघन करने पर प्रदेश में साढ़े तीन लाख से ज्यादा केस दर्ज किए गए थे। जिन लोगों पर यह केस दर्ज हुए थे, उनमें आम लोगों के साथ-साथ जनप्रतिनिधि (एमएलए-एमपी) भी शामिल थे। आम लोगों पर लगे 3.5 लाख केस पहले ही वापस लिए जा चुके हैं।

अब एमएलए-एमपी को भी राहत देने का फैसला किया गया है। सूत्रों के अनुसार, उस समय करीब 80-90 जनप्रतिनिधियों पर कोविड के नियमों के उल्लंघन के तहत कार्रवाई की गई थी। कोविड लॉकडाउन के दौरान लापरवाही से बीमारी का संक्रमण फैलाने, परीक्षण के दौरान या उसके बाद अस्पताल से भाग जाने, लोक सेवक के आदेश को न मानने, समूह में आकर विरोध करने या मानव जीवन, स्वास्थ्य या सुरक्षा को खतरा पैदा करने के आरोप में केस दर्ज किए गए थे।
विज्ञापन


इन मामलों में एक माह से लेकर दो साल तक की सजा या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। शासन के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक अगर किसी एमएलए या एमपी पर कोविड के निर्देशों के उल्लंघन के साथ ही ऐसी धाराओं में कार्रवाई नहीं की गई है, जिनमें दो साल से ज्यादा की सजा है, तो उल्लंघन के मामले वापस लिए जाएंगे। इन केसों को वापस लेने के लिए प्रदेश सरकार हाईकोर्ट की अनुमति भी लेगी। इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें