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UP: बैंकॉक से लखनऊ आया 2.76 करोड़ का गांजा, एयरपोर्ट चेकिंग से बाहर निकला; ऐसे पकड़ा गया ऑर्गेनिक गांजा गैंग

Thu, 07 May 2026 02:40 PM IST
Akash Dwivedi डिजिटल डेस्क, लखनऊ

सार

बैंकॉक से लखनऊ फ्लाइट के जरिए ऑर्गेनिक गांजे की तस्करी करने वाले पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास करोड़ों रुपये कीमत का गांजा मिला। जांच में सामने आया कि गिरोह विदेश से मादक पदार्थ लाकर देश में महंगे दामों पर बेचता था। एयरपोर्ट चेकिंग व्यवस्था भी जांच के दायरे में है।
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प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : Grok AI
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विस्तार
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थाईलैंड के बैंकॉक से फ्लाइट के जरिये ऑर्गेनिक गांजे की तस्करी करने के पांच आरोपियों को मंगलवार रात हुसैनगंज पुलिस ने चारबाग के पास गिरफ्तार किया। पकड़ा गया एक आरोपी मंगलवार सुबह ही बैंकॉक से गांजा लेकर लखनऊ आया था। इसकी कीमत 2.76 करोड़ रुपये बताई गई है।

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एसीपी हजरतगंज विकास जायसवाल ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर यह कार्रवाई हुई। आरोपियों को चारबाग स्थित बाल विद्या मंदिर के पास एसयूवी में पकड़ा गया। उनकी पहचान गोरखपुर बासगंज मऊ खुर्द निवासी प्रियांशु तिवारी, गोरखपुर गोला लाही द्वाड़ी निवासी राहुल शर्मा, गुजरात निवासी बृजेश राठौर, कोलकाता निवासी रविकांत और

गोरखपुर कुरबा बाजार लाजुनपुर निवासी दीपक त्यागी के रूप में हुई। तलाशी में उनके पास 2 किलो 700 ग्राम ऑर्गेनिक गांजा, पांच किलो गांजा और आठ मोबाइल फोन मिले। दिल्ली ले जाने की फिराक में थे एसओ हुसैनगंज शिवमंगल सिंह ने बताया कि आरोपी रविकांत बैंकॉक में रहता है। वह चार मई को लखनऊ फ्लाइट से पहुंचा। उसने बैंकॉक में ही साथी बृजेश राठौर को गांजा लखनऊ लाने के लिए दिया था। 
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बृजेश पांच मई को विमान से लखनऊ आया और हवाई अड्डे पर राहुल से मिला। दीपक त्यागी के माध्यम से गांजा दिल्ली में बेचा जाना था। सभी आरोपी प्रियांशु की एसयूवी से गांजा लेकर दीपक त्यागी को बैस में बैठाने जा रहे थे तभी पुलिस ने धर-दबोचा। आरोपियों ने बताया कि वे लोग बैंकॉक में 10 लाख रुपये किलो के हिसाब से गांजा खरीदते थे और उसे भारत लाकर एक करोड़ रुपये किलो के हिसाब से बेचते थे।

एयरपोर्ट से कैसे निकाला गांजा, जांच में जुटी पुलिस

हवाई अड्डे पर चेकिंग के दौरान बृजेश के पास गांजा क्यों नहीं पकड़ा गया, यह बड़ा सवाल है। एयरपोर्ट से आरोपियों ने गांजा बाहर कैसे निकाला, इसकी जांच जारी है। एसओ हुसैनगंज ने बताया कि आरोपी इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं बता सके। आरोपियों को पकड़ने वाली पुलिस टीम के अनुसार, इस गिरोह में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। आरोपियों के पास मिले मोबाइल फोन की डिटेल व डेटा की जांच की जा रही है।

ये होता है ऑर्गेनिक गांजा

ऑर्गेनिक गांजे को हाइड्रोपोनिक वीड, ओजी और एजी के नाम से भी जाना जाता है। पारंपरिक रूप से उगाए गए गांजा की तुलना में यह कई गुना ज्यादा तीव्र होता है। इसे नियंत्रित वातावरण में उगाया जाता है, जिससे इसकी लागत और कीमत बहुत अधिक होती है।

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