अभ्यर्थियों के अनुसार आयोग के आदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग के उन अभ्यर्थियों को, जिन्होंने 150 पूर्णांक में 60 अंक अर्थात 40 प्रतिशत और उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं, उत्तीर्ण मानते हुए नियमानुसार नियुक्ति दिए जाने की बात कही गई है। इस निर्णय से ओबीसी वर्ग के साथ-साथ दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रितों आदि अभ्यर्थियों को भी न्याय मिलेगा।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि आयोग द्वारा जारी आदेश/संस्तुति के बावजूद शासन एवं संबंधित विभाग द्वारा अभी तक प्रभावी कार्यवाही नहीं की गई है। अभ्यर्थियों ने मांग की कि आयोग के आदेश का अक्षरशः और तत्काल अनुपालन सुनिश्चित किया जाए तथा पात्र अभ्यर्थियों को उनका संवैधानिक एवं वैधानिक अधिकार प्रदान करते हुए नियुक्ति दी जाए।
आयोग की संस्तुति के अनुरूप कार्रवाई करनी चाहिए
अभ्यर्थियों ने यह भी कहा कि आयोग के आदेश के मामले में जिम्मेदार एवं दोषी अधिकारियों के विरुद्ध जवाबदेही तय कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। इसलिए शासन को केवल नियुक्ति की प्रक्रिया ही नहीं, बल्कि आरक्षण संबंधी विसंगतियों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर आयोग की संस्तुति के अनुरूप कार्रवाई करनी चाहिए।
धरने का नेतृत्व कर रहे तूफान सिंह ने कहा कि अभ्यर्थी किसी पर अहसान नहीं मांग रहे हैं, बल्कि अपने संवैधानिक अधिकार और न्याय की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 68500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने वर्षों तक संघर्ष किया है और अब राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा दिए गए आदेश के बाद उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। शासन को आयोग के आदेश को लंबित रखने के बजाय तत्काल अनुपालन की दिशा में ठोस कदम उठाना चाहिए।
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- फोटो : अमर उजाला
अभ्यर्थियों ने सरकार से की मांग
1. राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश/संस्तुति का तत्काल अनुपालन किया जाए।
2. 150 में 60 अंक (40 प्रतिशत) प्राप्त करने वाले पात्र ओबीसी/ दिव्यांग/ भूतपूर्व सैनिक स्वयं और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रितों के अभ्यर्थियों को नियमानुसार उत्तीर्ण कर नियुक्ति प्रदान की जाए।
3. आरक्षण संबंधी विसंगतियों के लिए जिम्मेदार दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाए।
4. शासन द्वारा आयोग की संस्तुति पर की गई कार्यवाही की स्पष्ट और सार्वजनिक जानकारी अभ्यर्थियों को दी जाए।
5. पात्र अभ्यर्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस मामले का शीघ्र एवं न्यायपूर्ण निस्तारण किया जाए।
अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता और माननीय राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश का प्रभावी अनुपालन नहीं होता, तब तक उनका लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रहेगा।
प्रशासन अभ्यर्थियों को हिरासत में लेकर ईको गार्डेंन भेज दिया है। धरने में अभ्यर्थियों में तूफ़ान सिंह, आशुतोष वर्मा, नवीन चौधरी, अखिल यादव, योगेश लोधी, ललिता चौधरी, कुसुम चौधरी, अनुराग पाल, विनोद प्रजापति, राम भवन साहू, शेरा, उमेश गुप्ता, रणबहादुर वर्मा, नसीम, राकेश साहनी, आदि लोग शामिल थे।