कंपनियां अपने उत्पादन के हिसाब से नया बैच नंबर तय करती हैं। छोटी कंपनियां कम उत्पादन दिखाकर लगातार बैच नंबर बदलती रहती हैं। सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से 907 जरूरी दवाओं की कीमतों में 0.65 फीसदी बढ़ोतरी की अनुमति दी है। 39 आम दवाओं की खुदरा कीमतों पर अधिकतम सीमा लगाने का दावा किया गया है। इनमें मधुमेह, हाइपरटेंशन और हृदय रोग की दवाएं शामिल हैं। हालांकि, दवा बाजार में कीमतें घटने के बजाय बढ़ गई हैं। बीपी की टेल्मा एच पहले 290 रुपये की थी, अब 320 रुपये की है। अर्थराइटिस की साज डीएस 175 से बढ़कर 210 रुपये पत्ता हो गई है।
कैंसर मरीज परेशान न हों। कोई भी दवा नहीं मिले तो अपने डॉक्टर को बताएं ताकि वे सुरक्षित रूप से डोज की टाइमिंग बदलें। यह भी संभव है कि अन्य थेरेपी या दवा का विकल्प लिख सकते हैं। जिन दवाओं की कमी है, उनके स्थान पर प्रयोग होने वाली दूसरी दवाओं को लेकर चिकित्सा विशेषज्ञों के बीच लगातार मंथन चल रहा है। - डाॅ. एके त्रिपाठी, पूर्व निदेशक लोहिया संस्थान।