लखनऊ में बीते दिनों हुई थी बड़ी घटना।
- फोटो : संवाद
डीजीपी राजीव कृष्ण के निर्देश पर प्रदेश में अवैध पटाखा फैक्टरियों व गोदामों में विस्फोट की घटनाओं की रोकथाम के लिए रविवार से 15 दिन का विशेष अभियान शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि जिन फैक्टरियों को लाइसेंस दिया गया है उन सभी का निरीक्षण संबंधित क्षेत्राधिकारी, एसडीएम, थाना प्रभारी और अग्निशमन सेवा की संयुक्त टीम करे।
उन्होंने मातहतों को निरीक्षण की वीडियोग्राफी कराने के साथ ही दस्तावेजों के सत्यापन के भी निर्देश दिए हैं। कहा, आकस्मिक आग की दुर्घटनाओं, खासकर रासायनिक आग से निपटने के लिए तैयारियों की समीक्षा सुनिश्चित की जाए। प्रत्येक निरीक्षण में दुर्घटनाओं के समय काम करने वाले कर्मचारियों और प्रबंधन की तैयारियों की भी गहनतापूर्वक जांच करने को कहा है। कहा, निरीक्षण में बाल श्रम पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई करें। किसी भी अवैध कारखानों, भंडारण, अवैध विक्रय, परिवहन की जानकारी के लिए राजस्व अधिकारियों, संबंधित थाना और स्थानीय सूचना इकाई से गोपनीय रूप से जानकारी जुटाते रहें। साथ ही उनके खिलाफ केस दर्ज कराके उन्हें बंद कराएं।
पटाखों के भंडारण और बिक्री उनके लाइसेंस एवं अनुमति के आधार पर निर्धारित स्थानों पर ही हो। किसी भी सूरत में आबादी और बाजार में दुकानें नहीं लगाने दी जाएं। उन्होंने यह हिदायत भी दी कि छोटे एवं पार्ट टाइम विक्रेताओं को जांच के दौरान अनावश्यक परेशान न किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अभियान के बाद भी भविष्य में कहीं पर यदि आग, विस्फोट जैसी कोई घटना होती है तो संबंधित चौकी प्रभारी, बीट प्रभारी, थाना प्रभारी और वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।