संभल हिंसा की जांच रिपोर्ट रखी जाएगी
सत्र के दौरान संभल में 24 नवंबर 2024 को भड़की हिंसा की न्यायिक जांच रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी जाएगी। न्यायिक जांच आयोग ने बीते वर्ष 28 अगस्त को अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी थी। अब कैबिनेट ने इसे सदन में पेश करने का फैसला लिया है। रिपोर्ट में बेहद सुनियोजित तरीके से संभल की डेमोग्राफी बदलने की साजिश का खुलासा किया गया था।
रिपोर्ट के मुताबिक आजादी के दौरान संभल नगर पालिका में 45 प्रतिशत हिंदू आबादी थी, जो घटकर महज 15 फीसद रह गई। यह बदलाव लगातार हिंसा की वजह से पलायन और हिंदुओं के कत्लेआम की वजह से हुआ। दंगा, लव जिहाद और धर्मांतरण के जरिए हिंदू आबादी कम की गई7 हिंदुओं की आबादी 20 फीसद से कम होने के बाद संभल में विदेशी बनाम देसी मुसलमान का संघर्ष शुरू हो गया।
तुर्क और कंवर्टेड हिंदू पठान आपस में लड़ने लगे। रिपोर्ट में संभल में बीते सात दशक के दौरान हुए 15 दंगों का जिक्र है। वहीं संभल के 68 तीर्थ स्थल और 19 पावन कूप पर कब्जा कर लिया गया। इसके अलावा हरिहर मंदिर का उल्लेख भी है, जहां बाबर काल के साक्ष्य मिले थे।
कई आतंकी संगठनों के सक्रिय होने खासकर आसिम उर्फ सना-उल-हक का उल्लेख है, जिसे अमेरिका आतंकवादी घोषित कर चुका है। यह भी सामने आया था कि संभल में अवैध हथियार और मादक पदार्थों का कारोबार तेजी से पनपता जा रहा है।