जनकल्याण की योजनाओं के तहत निराश्रित महिलाओं और वृद्धजनों की पेंशन में 500 रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है। महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देने और शी-मार्ट योजना को भी बजट में जगह मिल सकती है। मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने का वादा इस साल पूरा होने की संभावना है। इसके अलावा 1.43 लाख शिक्षा मित्रों का मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर 17 से 20 हजार रुपये किए जाने का प्रस्ताव है, जिसके लिए 250 से 275 करोड़ रुपये बजट में रखे जा सकते हैं।
सड़कों के सुधार के लिए 45 हजार करोड़ रुपये से अधिक, गृह विभाग के लिए (साइबर अपराध नियंत्रण सहित) 48 हजार करोड़ रुपये और परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए 4700 करोड़ रुपये दिए जा सकते हैं। हवाई अड्डों और जलमार्गों के विकास के लिए 2500 करोड़ रुपये दिए जा सकते हैं। इसके अलावा मेट्रो परियोजनाओं की मद में 700 करोड़ का आवंटन हो सकता है।
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने मंगलवार को विधानसभा स्थित कार्यालय में वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह बजट प्रदेश की जनता की अपेक्षाओं, विकास की जरूरतों और सुशासन की प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। यह केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि डबल इंजन सरकार की मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और विकासशील सोच का प्रतीक है।
वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कानून-व्यवस्था, निवेश और बुनियादी ढांचे में जो भरोसा बना है, यह बजट उसे और मजबूत करेगा। उन्होंने बताया कि कृषि, युवा, महिला, श्रमिक और वंचित वर्गों के कल्याण के साथ पूंजीगत व्यय को प्राथमिकता देकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती देने का रोडमैप इसमें शामिल है। सुरेश खन्ना ने कहा कि यह बजट उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निर्णायक कदम है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय संतुलित विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे प्रदेश नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ेगा।