शर्मा न सिर्फ मोदी के भरोसेमंद हैं बल्कि काशी मॉडल के जरिए अपनी छाप छोड़ने में सफल रहे हैं। ऐसे में मंत्रिमंडल में उनके शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं। पिछले डेढ़ वर्ष के भीतर तीन मंत्रियों की मृत्यु से मंत्रिमंडल का संतुलन भी गड़बड़ा गया है। चेतन चौहान, कमल रानी वरुण और विजय कुमार कश्यप की मृत्यु से खाली स्थान भरने के साथ अन्य रिक्तियां विस्तार का पूरा अवसर उपलब्ध करा रही हैं।