मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक हुई। इसमें शिक्षामित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों को बड़ी राहत दी गई है। बैठक में शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाकर 18 हजार रुपये और अंशकालिक अनुदेशकों का 17 हजार रुपये करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
यह पहल न केवल ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित करेगी, बल्कि उन्हें जनोपयोगी केंद्र के रूप में भी विकसित करेगी। समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने बताया कि योजना के तहत प्रदेश के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में 10-10 स्मारकों का विकास किया जाएगा।
प्रति स्मारक 10 लाख रुपये की लागत तय की गई है। इसके अंतर्गत कुल 403 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन स्मारकों के आसपास बाउंड्रीवॉल, छत्र निर्माण, सौंदर्यीकरण, हरियाली का विकास और प्रकाश व्यवस्था की जाएगी।
योजना का उद्देश्य सिर्फ मूर्तियों की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके आसपास के क्षेत्रों को विकसित कर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित करना है। निर्माण कार्यों के जरिए ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
योगी सरकार की यह पहल मूर्ति स्थलों को केवल प्रतीकात्मक स्थान न बनाकर उन्हें जानकारीपरक और जन उपयोगी केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे नई पीढ़ी को महापुरुषों के योगदान के बारे में जानने और उनसे प्रेरणा लेने का अवसर मिलेगा। इसके अंतर्गत 31 दिसम्बर, 2025 तक स्थापित मूर्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर उनके आसपास के क्षेत्र का सर्वांगीण विकास किया जाएगा।