सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और सूचना प्रौद्योगिकी जनित सेवाओं को उद्योग का दर्जा दिया जाएगा। इससे संबंधित प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि आईटी सेक्टर की तेज वृद्धि में मदद के लिए बड़े सुधारों को लागू करने की जरूरत है। इसके तहत ये फैसला लिया गया है।
इन सुधारों का उद्देश्य आईटी और आईटीएस क्षेत्र को उद्योग का दर्जा देना है। अब आवास विकास प्राधिकरणों और औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में औद्योगिक श्रेणी के तहत वर्गीकृत भूमि को आईटी इकाइयों को औद्योगिक दर पर जमीन मिल सकेगी। आईटी सेक्टर को जमीन का आवंटन तेजी से होगा। इस सेक्टर की नई इकाइयों जिनका न्यूनतम लोड 150 किलोवाट है, उन्हें औद्योगिक दरों पर बिजली उपलब्ध होगी। इससे उनका मुनाफा बढ़ेगा जिसका असर विस्तार और रोजगार सृजन में मिलेगा। इस फैसले से प्रदेश में आईटी सेक्टर में निवेश बढ़ेगा। साथ ही आईटी सेक्टर में बिजली की लागत में करीब 18 फीसदी की बचत होगी।
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ सोलर पार्क के लिए एक रुपये में मिलेगी जमीन
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ सोलर पार्क विकसित करने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को विकसित करने के उद्देश्य से यूपीडा की ओर से तैयार 296 किमी लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के लिए इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
इसे एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ बिल्ड, ऑन एंड ऑपरेट मॉडल पर विकसित किया जाएगा। एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ सोलर पार्क की स्थापना के लिए करीब 1500 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध होगी। योजना के तहत डेवलपर को 25 वर्ष के लिए यूपीडा लीज पर जमीन देगा। जमीन एक रुपये प्रति वर्ष के लीज रेंट पर मिलेगी। बुंदेलखंड का क्षेत्र सोलर ऊर्जा के लिए सबसे उपयुक्त है। पीक सोलर समय, जो देश में 3 से लेकर 7.5 तक है इसके सापेक्ष बुंदेलखंड में यह 5 से 5.50 के बीच है। इस आधार पर 450 मेगावाट सौर बिजली का उत्पादन होगा। इस फैसले से प्रदेश में ऊर्जा संकट कम होगा। साथ ही सौर ऊर्जा नीति के तहत वर्ष 2026-27 तक 22 हजार मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी।