नवंबर 2024 में सफेद आलू औसतन 2122 रुपये प्रति क्विंटल बिका था जबकि नवंबर 2025 में ये 1274 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। अप्रैल-मई 2025 में थोक में सफेद आलू का भाव करीब 1157 से 1173 रुपये प्रति क्विंटल था। जिन किसानों ने आलू शीतगृह में रखा था उन्हें 250 रुपये शीतगृह भाड़ा, 100 रुपये का बोरा और पल्लेदारी व खेत से स्टोर तक पहुंचाने में करीब 100 रुपये प्रति क्विंटल खर्च करने पड़े। इस तरह शीतगृह में रखे आलू की कीमत करीब 1500 रुपये से अधिक पहुंच गई। दाम गिरने से किसानों की लागत निकलनी मुश्किल हो गई।
जिन किसानों ने आलू बीज खरीद कर बुवाई की है उन्हें दोहरा घाटा हो रहा है। बुवाई के वक्त बीज करीब ढाई से तीन हजार रुपये प्रति क्विंटल था। बुवाई, जुताई, सिंचाई और फिर खोदाई के बाद शीतगृह तक पहुंचने में खर्च अलग हुआ। अब हजार रुपये प्रति क्विंटल से कम में बेचना मजबूरी है। - अरुण सिंह, प्रगतिशील किसान फिरोजाबाद
पूर्वांचल में आलू प्रसंस्कण इकाइयां नहीं हैं। सिर्फ खाने में आलू की खपत होती है। यदि प्रसंस्करण इकाइयां लग जाए तो आलू ही नहीं टमाटर, शकरकंद की खेती बढ़ेगी और किसानों को फायदा मिलेगा। उद्यान विभाग को खपत के हिसाब से रणनीति बनानी चाहिए।- चंद्रशेखर यादव, प्रगतिशील किसान, जौनपुर
दिए गए हैं निर्देश
प्रदेश में पुराने आलू की उपलब्धता जांचने के लिए सभी जिला उद्यान अधिकारियों को निर्देश दिया गया है। जिला प्रशासन के साथ मिलकर ये सोमवार को जानकारी जुटाएंगे कि कितना पुराना आलू अभी बचा है। उसी हिसाब से आगे की रणनीति बनाई जाएगी। - डॉ. राजीव वर्मा, कार्यवाहक उप निदेशक (आलू)