यूपी के बजट में सरकार का शिक्षा के प्रति खास फोकस दिखा। बेसिक से लेकर उच्च शिक्षा तक में हो रहे बदलावों पर सरकार ने बजट जारी किया। योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-2026 के लिए बृहस्पतिवार को पेश किए गए अपने बजट में बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के लिए भी घोषणाएं की। ये घोषणाएं करते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि सरकार प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी के तहत इस बार भी बजट में यह बेसिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए कई प्रावधान कर रही हैं। बालिकाओं के लिए भी कई घोषणाएं हैं। उन्हें स्कूटी देने के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान बजट में किया गया है। स्कूलों में खेल प्रतिभाओं के विकास के लिए सरकार योजना लेकर आई है।
बेसिक शिक्षा के लिए बजट में ये प्रावधान
-वित्त मंत्री ने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 680 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का उच्च्चीकरण कक्षा 12 तक करते हुए कमजोर वर्ग की बालिकाओं को कक्षा 12 तक की निःशुल्क आवासीय शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की कार्यवाही प्राथमिकता से की जा रही है।
-प्रदेश में प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक की शिक्षा के लिए अत्याधुनिक अवस्थापना सुविधाओं के साथ उत्कृष्ट शैक्षणिक परिवेश उपलब्ध कराने के लिए 57 नए मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से वर्तमान वित्तीय वर्ष में 22 विद्यालयों के निर्माण की प्रक्रिया जारी है। इसकी लागत 25 करोड़ रुपये है।
-इसके अतिरिक्त प्रति विद्यालय 5 करोड़ रुपये की दर से फर्नीचर एवं उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
-बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए 2000 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं।
-पीएमश्री योजना के अंतर्गत चयनित विद्यालयों के बच्चों को स्मार्ट शिक्षा से जोड़ने के लिए 580 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
-समग्र शिक्षा योजना के अंतर्गत समस्त प्राथमिक विद्यालयों को राज्य निधि से स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित करने के लिए 300 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
-प्राथमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को स्कूल बैंग के लिए 350 करोड़ रुपये, निःशुल्क यूनीफार्म के लिए 168 करोड़ रुपये और परिषदीय विद्यालय एवं सहायता प्राप्त अशासकीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों के छात्रों की परीक्षा शुल्क की प्रतिपूर्ति के लिए लगभग 38 करोड़ रुपये की व्यवस्था रखी गई है।