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यूपी बजट: एक्सप्रेस-वे पर युवा रफ्तार, दिखी सांस्कृतिक और धार्मिक छाप

Wed, 19 Feb 2020 02:06 AM IST
Mohit Mudgal अनिल श्रीवास्तव, अमर उजाला, लखनऊ

सार

  • 5,12,860 करोड़ रुपये का कुल बजट
  • 4,79,701 करोड़ था पिछला बजट
  • 6.46 फीसदी ज्यादा पिछले बजट से
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वित्तमंत्री सुरेश खन्ना व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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राममंदिर पर ऐतिहासिक फैसले के बाद योगी सरकार के पहले बजट में सांस्कृतिक और धार्मिक छाप तो दिखी ही, रोजगार के अवसर बढ़ाकर युवाओं की उम्मीदों को पंख लगाने का संकल्प भी दिखा। महिलाओं के साथ हर वर्ग को राहत देने की कोशिश की गई है।

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योगी आदित्यनाथ सरकार का चौथा बजट युवाओं और एक्सप्रेस-वे का साथ पाकर कुलांचे भरता हुआ पहली बार 5 लाख करोड़ रुपये के पार चला गया। बजट में युवाओं को कौशल विकास के साथ उद्यमिता और रोजगार को जोड़कर उनके सपनों में रफ्तार भर दी है। युवाओं के लिए दो नई योजनाओं के साथ इस बजट में गांवों, किसानों, महिलाओं को भी खासी अहमियत दी गई है। इन्फ्रास्ट्रक्चर को इन सबका जरिया बनाया है।

पूर्वांचल और बुंदेलखंड के प्रति भी दरियादिली दिखाई है। राममंदिर पर ऐतिहासिक फैसले के बाद इस बजट में अयोध्या ने भी उड़ान भरी है। वहां करीब 600 करोड़ रुपये से एयरपोर्ट के साथ बुनियादी सुविधाओं का विकास होगा। काशी और गोरखपुर भी विकास के खास बिंदु रहे हैं। चिकित्सा क्षेत्र में पिछली बार की तरह इस बार भी लखनऊ पर मेहरबानी बरसी। बजट योगी सरकार के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने मंगलवार को विधानसभा में पेश किया जबकि विधान परिषद में नेता सदन डॉ. दिनेश शर्मा ने पेश किया। 

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मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन

युवाओं को ऑन-जॉब ट्रेनिंग, हर माह 2500 रुपये भत्ता

हर जिले में युवा हब 
युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना तथा युवा उद्यमिता विकास अभियान का एलान किया गया है। इसके तहत युवाओं को उद्योगों व एमएसएमई इकाइयों में ऑन-जॉब ट्रेनिंग प्रदान कराते हुए 2500 रुपये से अधिक प्रतिमाह प्रशिक्षण भत्ता दिया जाएगा। इसके लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। युवा उद्यमिता विकास अभियान के तहत प्रदेश के हर जिले में ‘युवा हब’ बनाने के लिए 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

नये विश्वविद्यालयों, मेडिकल कॉलेजों से बढ़ेंगे अवसर

सहारनपुर, अलीगढ़ व आजमगढ़ में तीन नए विश्वविद्यालयों की स्थापना की जा रही है। पुलिस फॉरेंसिक विवि के अलावा प्रयागराज में विधि व गोरखपुर में आयुष विवि की स्थापना की जाएगी। छह नए इंजीनियरिंग व 21 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की जा रही है। साफ है कि बजट में युवाओं के लिए भविष्य में अवसर पैदा करने पर जोर दिया गया है।

पहली बार 5 लाख करोड़ के पार

प्रदेश का बजट पहली बार 5 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचा है। पीएम नरेंद्र मोदी से लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कह चुके हैं कि देश की इकोनॉमी को पांच खरब डॉलर पहुंचाने का रास्ता यूपी से होकर ही जाएगा। इस बजट में सरकार ने यही संकल्प दिखाया है।

जीएसटी से सबसे ज्यादा राजस्व:
 
जीएसटी  91,568 करोड़
आबकारी शुल्क  37,500 करोड़
स्टांप एवं पंजीकरण  23,197 करोड़
वाहन कर  8,650 करोड़
    

सेहत पर सबसे ज्यादा जोर
  • 15,690 करोड़ स्वास्थ्य के लिए
  • 13 नए मेडिकल कॉलेज खुलेंगे
ग्रामीण से लेकर शहरी नागरिकों के स्वास्थ्य पर विशेष जोर दिया गया है। इसके लिए कुल 9230 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। वहीं, चिकित्सा शिक्षा के लिए 6460 करोड़ दिए गए हैं। इस राशि से 13 नए मेडिकल कॉलेज खोलने के साथ चिकित्सा क्षेत्र में रिसर्च पर भी जोर दिया जाएगा।

राजधानी पर मेहरबानी

  • 919 करोड़ रुपये केजीएमयू के लिए
  • 820 करोड़ एसजीपीजीआई को
  • 477 करोड़ डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान को
  • 187 करोड़ कैंसर संस्थान को
  • 13 करोड़ ट्रॉमा सेंटर व सिविल अस्पताल को

पांच और शहरों में मेट्रो
  • कानपुर-आगरा के लिए 644 करोड़
  • सरकार ने गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ व झांसी में मेट्रो की घोषणा की है। इसके लिए 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। साथ ही कानपुर में मेट्रो परियोजना के लिए 358 और आगरा के लिए 286 करोड़ की व्यवस्था की है।

मनरेगा

  • 4800 करोड़ रुपये का प्रावधान
  • मानव दिवस रोजगार करीब ढाई गुना बढ़ाकर 35 करोड़ करने का प्रस्ताव


स्वच्छ भारत मिशन : 5791 करोड़ रुपये

बुंदेलखंड की तस्वीर बदलने की कोशिश
  • निवेश, रोजगार के साथ मेट्रो की घोषणा भी
  • 3300 करोड़ बुंदेलखंड, विंध्य क्षेत्र में पाइप पेयजल योजना के लिए
  • आर्थिक रूप से पिछड़े बुंदेलखडं को डिफेंस कॉरिडोर की सौगात के बाद सरकार ने बुंदेलखंड निधि में 210 करोड़ का प्रावधान किया है। साथ ही पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण झांसी में मेट्रो शुरू करने की घोषणा की है।
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खेती-किसानी : पहली बार पराली प्रबंधन

  • 300 करोड़ खर्च करेगी सरकार
  • पराली जलाने से प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती से सबक लेते हुए योगी सरकार ने पहली बार इसके प्रबंधन की व्यवस्था की है। इसके लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए किसानों, अधिकारियों व कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जाएगी।
  • 500 करोड़ मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना को
  • पहली बार बटाईदारों व परिवार के कमाऊ सदस्य को भी शामिल किया गया है।
  • 216 करोड़ की मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के लिए
  • 40 करोड़ गोरखपुर व भदोही में पशु चिकित्सा महाविद्यालय के लिए
  • 500 करोड़ सहकारी चीनी मिलों को गन्ना मूल्य भुगतान के लिए
  • मुरादाबाद में बनेगा गन्ना किसान प्रशिक्षण संस्थान, 10 करोड़ की व्यवस्था


3000 करोड़ रुपये जल जीवन मिशन के लिए
  • 966 करोड़ रुपये बाढ़ नियंत्रण व जल निकासी के लिए
  • 48 करोड़ तालाबों को फिर से विकसित करने के लिए
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