ये जनता का ध्यान अन्य समस्याओं से हटाना चाहते हैं
महिला आरक्षण को लेकर उन्होंने कहा कि यह सभी दलों की सहमति से पारित हुआ था, लेकिन भाजपा इसे राजनीतिक मुद्दा बनाकर विपक्ष को गलत तरीके से पेश कर रही है। उनका आरोप था कि भाजपा इस मुद्दे को नारे के रूप में इस्तेमाल कर रही है, ताकि जनता का ध्यान अन्य समस्याओं से हटाया जा सके।
उन्होंने परिसीमन और संशोधन बिल को लेकर भी सरकार की मंशा पर सवाल उठाए और कहा कि लंबे समय से डेटा एकत्र कर राजनीतिक रणनीति बनाई जा रही है। कानून-व्यवस्था पर हमला करते हुए उन्होंने ‘बुलडोजर नीति’ को कठघरे में खड़ा किया और हरदोई व वाराणसी की घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग की।
इसके अलावा, उन्होंने स्मार्ट मीटर योजना, गेहूं खरीद में देरी, श्रम कानूनों में बदलाव और अयोध्या मास्टर प्लान में बार-बार संशोधन जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने करीबी लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए योजनाएं बना रही है। कुल मिलाकर, उन्होंने भाजपा को जनविरोधी बताते हुए कहा कि जनता अब बदलाव चाहती है और सरकार के दिन गिने हुए हैं।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव।
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