बसपा सुप्रीमो ने कहा कि बीते कई चुनावी अनुभवों से साफ है कि यूपी में मुस्लिम समाज का पूरा समर्थन मिलने के बावजूद सपा और कांग्रेस भाजपा को नहीं हरा पा रहे हैं, जबकि मुस्लिम समाज का कम समर्थन मिलने पर भी बसपा ने भाजपा को परास्त करके दिखाया है। दरअसल, सपा व कांग्रेस आदि की राजनीति दलित, पिछड़े, मुस्लिम व अन्य वंचित बहुजन विरोधी रही है और इनके गलत कार्यों से ही भाजपा मजबूत हुई है। इस बात को मुस्लिम समाज के लोग जितनी जल्दी समझ लें, उतना बेहतर है।
उन्होंने कहा कि बसपा को सपा व कांग्रेस जैसी पार्टियों के घिनौने हथकंडों के साथ पार्टी में कुछ स्वार्थी व अवसरवादी लोगों के भितरघात का भी सामना करना पड़ता है। इसका ताजा उदाहरण शमसुद्दीन राईन हैं, जिन्होंने बीते चुनावों में खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पार्टी को काफी नुकसान पहुंचाया। चेतावनियों के बावजूद सुधार नहीं होने पर उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया है। आगे ऐसा नहीं हो, इसके लिए पार्टी के लोग हमेशा सतर्क रहें। ऐसी कोई भी शिकायत सीधे पार्टी प्रमुख के संज्ञान में लाएं।
किसी मतदाता का नाम नहीं छूटे
इसके अलावा उन्होंने बैठक में एसआईआर को लेकर पार्टी प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल, सभी जिलाध्यक्ष, मंडल प्रभारियों को निर्देश दिया कि वह मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण में अपने-अपने जिलों के बूथ स्तर तक यह सुनिश्चित करें कि निर्धारित प्रक्रिया का पूर्णरूप से अनुपालन करते हुए किसी भी मतदाता का नाम सूची में शामिल होने से नहीं छूटे। जिनका नाम मतदाता सूची में नहीं है, उनका फार्म भरवाकर व संबंधित दस्तावेज लगाकर उनके नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने का भी कार्य करायें।