बसपाई सिपहसालार कितना काम कर रहे हैं, यह अब हर सप्ताह उन्हें बताना होगा। बसपा सुप्रीमो मायावती ने पदाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी को-ऑर्डिनेटरों की प्रत्येक सप्ताह समीक्षा की जाए।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने हाल ही में जिला स्तर तक के पदाधिकारियों को लखनऊ बुलाकर समीक्षा की थी। बैठक में उन्होंने कहा था कि अब जल्द ही निकाय चुनाव होता नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में सभी लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारियों में जुट जाएं। इसी आधार पर अपनी बूथ कमेटियों पर मशक्कत करो। इसके लिए सभी को-ऑर्डिनेटरों को कहा गया है कि वे पूरे सप्ताह भर की योजनाओं का खाका तैयार करें और उस पर काम करें। एक सप्ताह में उन्होंने कितने सदस्य बनाए, मंडल में कितनी बैठकें की और खास तौर पर कितने युवाओं को जोड़ा, इस बाबत पूरी सूचना दी जाए।
इनकी समीक्षा जोन को-ऑर्डिनेटर करेंगे, जो बाद में बसपा प्रमुख को रिपोर्ट भेजेंगे। दरअसल, बसपा ज्यादा से ज्यादा युवाओं को पार्टी से जोड़ने और सदस्य बनाने पर जोर दे रही है। सदस्यता बनाने का अभियान बीच में ही एक बार रोक दिया गया था, पर फिर से बाद में कहा था कि सदस्य बनाने की प्रक्रिया को चालू रखा जाए। अभियान की तरह नहीं, लेकिन जो बसपा के सदस्य बन रहे हैं उन्हें तत्काल सदस्यता दी जाए।
पसमांदा मुस्लिम और ओबीसी पर फोकस
बसपा पसमांदा मुस्लिमों पर फोकस कर रही है। भाजपा के पसमांदा सम्मेलन शुरू करने से बसपा परेशान थी और अपनी टीम को इनके बीच उतारा था। जैसे ही ओबीसी आरक्षण को लेकर निकाय चुनाव में पेंच फंसा, वैसे ही बसपा ने तत्काल इस पर फोकस किया। बसपा थिंक टैंक का मानना है कि ओबीसी भाजपा से नाराज हो सकते हैं और इसका फायदा बसपा को उठाना चाहिए। ऐसे में पदाधिकारियों से कहा गया है कि इस पर फोकस करो।