बसपा विधायक को अंतिम विदाई, मायावती हुईं भावुक
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रसड़ा विधानसभा सीट से तीन बार के बसपा विधायक उमाशंकर सिंह का 5 अगस्त 2026 में ब्लड कैंसर के कारण निधन हो गया। वे दो साल से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उमाशंकर सिंह मूल रूप से बलिया के खनवर गांव के रहने वाले थे। राजनीति से पहले वे छात्र शक्ति कंस्ट्रक्शन के नाम से ठेकेदारी करते थे।
2012 में पहली बार बसपा के टिकट पर रसड़ा से विधायक चुने गए। 2017 और 2022 में भी चुनाव जीते। 2022 में जब पूरे यूपी में बसपा को सिर्फ एक सीट मिली, तब वे पार्टी के इकलौते विधायक थे। जनता की सेवा के कारण क्षेत्र में उन्हें रॉबिनहुड कहा जाता था। उमाशंकर सिंह 2012 में रिकार्ड मतों से जीते थे लेकिन 2022 में सपा एवं सुहेलदेव गठबंधन में कड़े संघर्ष में जीत मिली थी।
अमेरिका में हुआ था ब्रेन का ऑपरेशन
विधायक उमाशंकर सिंह के इकलौते पुत्र यूकेश सिंह उर्फ प्रिंस की शादी फरवरी 2024 में हुई थी। शादी के कुछ ही महीने बाद अचानक उमाशंकर की तबीयत बिगड़ गई। लखनऊ में इलाज कराने के बाद वह अमेरिका चले गए। अमेरिका में उनके ब्रेन का ऑपरेशन भी हुआ।
डॉक्टरों ने उनको लोगों से दूरी बनाने और जन संवाद न करने की सलाह दी थी। इसके बावजूद वह अपने आवास खनवर पर लोगों की समस्याओं का समाधान करते थे। चार अगस्त को यूकेश सिंह का जन्मदिन अपने समर्थकों एवं शुभचिंतकों के साथ केक काटकर मनाया था। समर्थकों को क्या पता कि एक दिन बाद ऐसा गम मिलेगा, जो जीवनभर सताएगा। पांच अगस्त की रात्रि में विधायक उमाशंकर सिंह ने जीवन को अलविदा कह दिया।
पिता की विरासत संभालेंगे प्रिंस सिंह यूकेश?
बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के निधन के बाद अब उनकी राजनीतिक विरासत उनके पुत्र प्रिंस उर्फ यूकेश सिंह संभालेंगे। इसकी चर्चा राजनीतिक हल्कों में जोर पकड़ रही है। सूत्रों के अनुसार, पिता के अस्वस्थ होने के बाद से प्रिंस सिंह क्षेत्र में सक्रिय हो गए थे।
वह विधायक की निर्माण कंपनी छात्र शक्ति इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी लिमिटेड के सीईओ भी हैं। कुछ दिन पहले भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने फेसबुक पर पोस्ट कर लिखा था कि प्रिंस सिंह भाजपा से चुनाव लड़ेंगे। हालांकि इस पर प्रिंस सिंह की प्रतिक्रिया नहीं आई थी। वहीं, विधायक के लखनऊ के गोमती नगर स्थित आवास पर श्रद्धांजलि देने पहुंचीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रिंस का कद और बढ़ा दिया।