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Uma Shankar Singh: मायावतीं बोलीं- वह हमेशा वफादार रहे, कभी नहीं छोड़ा साथ; पिता की विरासत संभालेंगे यूकेश?

Thu, 06 Aug 2026 07:50 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

बसपा विधायक के निधन पर विभिन्न दलों के नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। बसपा प्रमुख ने उन्हें पार्टी का सबसे निष्ठावान और भरोसेमंद साथी बताते हुए भावुक श्रद्धांजलि दी। उन्होंने परिवार के साथ खड़े रहने का भरोसा जताया और कहा कि क्षेत्र तथा समाज के प्रति उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
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बसपा विधायक को अंतिम विदाई, मायावती हुईं भावुक - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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बहुजन समाज पार्टी के विधायक उमाशंकर सिंह का बुधवार को नई दिल्ली के निजी अस्पताल में निधन होने के बाद पार्थिव शरीर आज गोमतीनगर स्थित आवास पर लाया गया, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, बसपा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती समेत तमाम नेताओं ने जाकर अंतिम दर्शन किए और श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद पार्थिव शरीर को बलिया के रसड़ा स्थित उनके पैतृक निवास ले जाया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।

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बसपा सुप्रीमो मायावती उमाशंकर सिंह के आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने के दौरान भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि उमाशंकर बसपा के सच्चे सिपाही थे। वह मुझे सगे भाई की तरह मानते थे। तबीयत खराब होने पर मैं बीते दिनों उनसे मिलने आई थी। फिर वह खुद मेरे घर आ गए तो मैंने कहा कि आप क्यों आए, मैं खुद आ जाती। उनके निधन से बसपा को बड़ी क्षति हुई है। उनके परिजन बेहद दुखी है। मैं उनके परिजनों को पूरा ध्यान रखूंगी। 

उन्होंने आगे कहा कि उमाशंकर जब से बसपा से जुड़े, पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। कभी बसपा को धोखा नहीं दिया। वह एक बिजनेसमैन थे। पार्टी में आए उतार-चढ़ाव के दौरान कई लोग चले गए, लेकिन उन्होंने साथ नहीं छोड़ा।
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भाई भी बहुत बने, लेकिन धोखा देकर चले गए। उमाशंकर चाहे जहां रहें, हमेशा रक्षाबंधन पर राखी बंधवाने आते थे। पार्टी के साथ अपने क्षेत्र और समाज का भी हमेशा ध्यान रखा। अब अगर उनका बेटा राजनीति में आना चाहेगा तो उसे पूरा सहयोग करेंगे। उनकी विधानसभा के लोग भी शायद यहीं चाहेंगे।हर दल के नेता पहुंचे

उमाशंकर सिंह को श्रद्धांजिल देने हर दल के नेता पहुंचे। इनमें उनके प्रतिद्धंद्धी माने जाने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह भी थे, हालांकि उन्होंने कहा कि मैंने अपना मित्र खो दिया। बलिया के विकास में उनका बड़ा योगदान था। इसके अलावा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, स्वतंत्र देव सिंह, संजय निषाद, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप, सपा विधायक संग्राम सिंह, ओमप्रकाश सिंह, सपा के बागी विधायक अभय सिंह, सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी, अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद आदि भी अंतिम दर्शन करने पहुंचे।

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बसपा विधायक को अंतिम विदाई, मायावती हुईं भावुक - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
रसड़ा विधानसभा सीट से तीन बार के बसपा विधायक उमाशंकर सिंह का 5 अगस्त 2026 में ब्लड कैंसर के कारण निधन हो गया। वे दो साल से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उमाशंकर सिंह मूल रूप से बलिया के खनवर गांव के रहने वाले थे। राजनीति से पहले वे छात्र शक्ति कंस्ट्रक्शन के नाम से ठेकेदारी करते थे। 

2012 में पहली बार बसपा के टिकट पर रसड़ा से विधायक चुने गए। 2017 और 2022 में भी चुनाव जीते। 2022 में जब पूरे यूपी में बसपा को सिर्फ एक सीट मिली, तब वे पार्टी के इकलौते विधायक थे। जनता की सेवा के कारण क्षेत्र में उन्हें रॉबिनहुड कहा जाता था। उमाशंकर सिंह 2012 में रिकार्ड मतों से जीते थे लेकिन 2022 में सपा एवं सुहेलदेव गठबंधन में कड़े संघर्ष में जीत मिली थी। 

अमेरिका में हुआ था ब्रेन का ऑपरेशन

विधायक उमाशंकर सिंह के इकलौते पुत्र यूकेश सिंह उर्फ प्रिंस की शादी फरवरी 2024 में हुई थी। शादी के कुछ ही महीने बाद अचानक उमाशंकर की तबीयत बिगड़ गई। लखनऊ में इलाज कराने के बाद वह अमेरिका चले गए। अमेरिका में उनके ब्रेन का ऑपरेशन भी हुआ। 

डॉक्टरों ने उनको लोगों से दूरी बनाने और जन संवाद न करने की सलाह दी थी। इसके बावजूद वह अपने आवास खनवर पर लोगों की समस्याओं का समाधान करते थे। चार अगस्त को यूकेश सिंह का जन्मदिन अपने समर्थकों एवं शुभचिंतकों के साथ केक काटकर मनाया था। समर्थकों को क्या पता कि एक दिन बाद ऐसा गम मिलेगा, जो जीवनभर सताएगा। पांच अगस्त की रात्रि में विधायक उमाशंकर सिंह ने जीवन को अलविदा कह दिया।

पिता की विरासत संभालेंगे प्रिंस सिंह यूकेश?

बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के निधन के बाद अब उनकी राजनीतिक विरासत उनके पुत्र प्रिंस उर्फ यूकेश सिंह संभालेंगे। इसकी चर्चा राजनीतिक हल्कों में जोर पकड़ रही है। सूत्रों के अनुसार, पिता के अस्वस्थ होने के बाद से प्रिंस सिंह क्षेत्र में सक्रिय हो गए थे। 

वह विधायक की निर्माण कंपनी छात्र शक्ति इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी लिमिटेड के सीईओ भी हैं। कुछ दिन पहले भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने फेसबुक पर पोस्ट कर लिखा था कि प्रिंस सिंह भाजपा से चुनाव लड़ेंगे। हालांकि इस पर प्रिंस सिंह की प्रतिक्रिया नहीं आई थी। वहीं, विधायक के लखनऊ के गोमती नगर स्थित आवास पर श्रद्धांजलि देने पहुंचीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रिंस का कद और बढ़ा दिया।
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