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UP: विधानसभा चुनाव-2027 की तैयारियों में BSP सक्रिय, सतीश चन्द्र मिश्र को चुनाव आयोग संबंधी जिम्मेदारी

Wed, 19 Aug 2026 12:28 PM IST
Akash Dwivedi डिजिटल डेस्क, लखनऊ

सार

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में बहुजन समाज पार्टी ने संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी सर्वसमाज को जोड़ने और विधानसभा स्तर पर कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित करने पर जोर दे रही है। वरिष्ठ नेता सतीश चन्द्र मिश्र को चुनाव आयोग से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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बसपा सुप्रीमो मायावती - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने पार्टी केे राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा की जिम्मेदारियों में इजाफा किया है। पार्टी ने उनको लीगल व मीडिया आदि के साथ अब चुनाव आयोग संबंधी कार्यों की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी साैंपी गयी है। मायावती ने कहा कि आगामी विधानसभा आमचुनाव के दौरान कई मायने में सतीश चंद्र मिश्रा की अहम भूमिका रहेगी।

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बसपा सुप्रीमो ने बुधवार को अपने इस फैसले की जानकारी देने के साथ कहा कि विधानसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर बसपा के जनाधार को सर्वसमाज में बढ़ाने के साथ पार्टी उम्मीदवारों के चयन व उनके नामों की पार्टी के विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलनों में घोषणा करने आदि की प्रक्रिया भी चल रही है।

इसे लेकर विरोधी पार्टियों में काफी बेचैनी है। सत्ताधारी दल भाजपा व अन्य विरोधी पार्टियों में भी अब अनवरत बदलाव होना भी स्वाभाविक है। वैसे बसपा ने सर्वसमाज में से खासकर ब्राह्मण समाज को भी पार्टी में वर्ष 2007 की तरह बसपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने की तैयारी के हिसाब से उम्मीदवार बनाना जब से शुरू किया है, तब से विरोधी पार्टियों में इसको लेकर चर्चा व चिंता है। उनके हथकंडों से बहुजन समाज के लोगों को लगातार सजग व सतर्क रहने की जरूरत है।
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कई अहम पदों पर रहे

बता दें कि सतीश चंद्र मिश्रा लंबे अर्से से पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं। वह बसपा शासनकाल में यूपी के महाधिवक्ता, उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के कई बार अध्यक्ष, बसपा सरकार में कैबिनेट मंत्री एवं कई बार राज्यसभा सांसद रहे हैं। पार्टी में ब्राह्मणों को जोड़ने की जिम्मेदारी भी उनके पास रही है। बीते चुनावों में उनके ब्राह्मण सम्मेलनों ने खासी सुर्खियां बटोरी थीं। उन्होंने ब्राह्मणों के फर्जी एनकाउंटर का मुद्दा उठाया था। बिकरू कांड की आरोपी खुशी दुबे का केस लड़ने का फैसला भी लिया था। उनके बेटे कपिल मिश्रा भी पार्टी के साथ जुड़े हैं।
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