यूपी बोर्ड की सचिव शकुंतला यादव ने पद से हटने के लिए सरकार से वीआरएस मांगा है।
बोर्ड की सचिव की ओर से इस बारे में सभापति अवध नरेश शर्मा को पत्र लिखकर सेवा से अवकाश देने का आग्रह किया गया है।
बोर्ड परीक्षा केन्द्रों के निर्धारण से पहले बोर्ड की सचिव की ओर से लिया गया यह फैसला विभाग के अधिकारियों को चौकाने वाला है।
यूपी बोर्ड की सचिव शकुंतला यादव ने बोर्ड की कार्यशैली और सरकार की ओर से बनाए जाने वाले दबाव से परेशान होकर आखिरकार पद छोड़ने का निर्णय लिया है।
पता चला है कि बोर्ड सचिव ने स्कूलों को मान्यता देने के लिए ऊपरी दबाव से परेशान होकर यह फैसला किया है।
इस बारे में पहले भी अमर उजाला ने मनमाने तरीके से स्कूलों की मान्यता देने के निर्णय को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
इस बारे में बोर्ड सचिव से जब उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।