हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने 9 साल पहले रिटायर हुए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के एक कर्मचारी को देयों का पूरा भुगतान न किए जाने के मामले में सख्त रुख अख्तियार किया है।
अदालत ने कहा कि अगर 18 नवंबर तक भुगतान न किया गया तो अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के निदेशक समेत अंबेडकरनगर के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अफसर को अदालत में पेश होना होगा।
न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने यह आदेश रिटायर कर्मचारी अब्दुल्ला की अवमानना याचिका पर दिया।
कोर्ट ने कहा कि यह संज्ञान लिए जाने योग्य है कि याची वर्ष 2005 में रिटायर हुआ व अब तक उसे समस्त देयों का भुगतान नहीं किया गया।
वहीं जिला अल्पसंख्यक कल्याण अफसर अश्विनी कुमार के एक सितंबर 2014 के हलफनामे में कहा गया कि याची को 3 लाख 42 हजार 658 रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
उसके वेतन व एरियर की मंजूरी को निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण को पत्र लिखा जा चुका है।
जैसे ही मंजूरी मिल जाएगी, तत्काल याची को बकाया देय का भुगतान कर दिया जाएगा।