शहर के पांच मूल्यांकन केंद्रों पर करीब 2800 परीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। हालांकि दूसरे दिन भी मूल्यांकन केंद्रों पर करीब 60 प्रतिशत परीक्षकों ने ही अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अधिकांश ने मेडिकल की एप्लीकेशन भेज दी। इनमें एक परीक्षक ने लिखा कि अचानक बाइक से गिर गया हूं...सिर्फ दाहिने हाथ के अंगूठे में चोट आई है। कॉपी नहीं जांच पाऊंगा। इसी तरह करीब 200 से अधिक परीक्षकों ने मेडिकल, चाइल्ड केयर लीव, दुर्घटना आदि के नाम पर मूल्यांकन ड्यूटी काटने का अनुरोध किया।
नखरों से परेशान रहे केंद्र प्रभारी
मूल्यांकन केंद्रों पर पहुंचे परीक्षकों की डिमांड पूरी कराते कराते केंद्र प्रभारी परेशान हो रहे हैं। एक परीक्षा केंद्र पर नामी स्कूल से आए परीक्षक शौचालय व्यवस्था को लेकर काफी संजीदा दिखे। केंद्र प्रभारी ने बाहर से सफाईकर्मी बुलवाकर शौचालय साफ करवाया। वहीं, पंजाबी विषय की उत्तरपुस्तिका जांच रही परीक्षक कॉपियां लेकर परीक्षकों की भीड़ में ही खो गईं। उनके लिए केंद्र प्रभारी को अनाउंसमेंट करना पड़ा।