भले ही नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन यूपी बोर्ड का वर्ष भर का शैक्षणिक टाइम टेबल पूरी तरह से बिगड़ चुका है। प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षाएं, यहां तक कि पंजीकरण की प्रक्रिया के टाइम टेबल में विभाग को इस बार बदलाव करना होगा।
लॉकडाउन का असर शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ा है। सभी बोर्डों का अकादमिक कैलेंडर बिगड़ चुका है। बड़े निजी कॉलेज भले ही ऑनलाइन शिक्षा का दावा कर रहे हैं, लेकिन यह नई व्यवस्था अभी भी पूरी तरह से कारगर नहीं हो पा रहा है।
बेसिक शिक्षा ने तो जुलाई माह से ही शिक्षण कार्य शुरू करने का निर्णय लिया है। यही वजह है कि अभी आरटीई के तहत बच्चों को दाखिला देने की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई। इसे बार-बार स्थगित करना पड़ रहा है।
न किताबें मुहैया कराने की व्यवस्था हुई है, न ही यूनिफॉर्म की। छात्रों को शिक्षा समेत निशुल्क सुविधाएं नियमित रूप से सत्र शुरू होने पर ही मुहैया हो पाएंगी। यूपी बोर्ड का शैक्षणिक पंचांग पूरी तरह से बदल गया है।
एक अप्रैल से शिक्षण कार्य शुरू हो जाता था। वहीं इसी तिथि से यूपी बोर्ड के स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू हो जाती थी। लेकिन लॉकडाउन की वजह से न स्कूल खुले और न ही शिक्षण कार्य शुरू हुआ।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशीय मंत्री डॉ. आरपी मिश्र ने बताया कि लॉकडाउन को देखते हुए 15 मई तक स्कूल बंद रहेंगे। उनके बाद ग्रीष्मकालीन अवकाश होगा। ऐसे में स्कूल अब नियमित रूप से एक जुलाई से ही शुरू होंगे।
परीक्षा कार्यक्रम में भी होगा बदलाव
अभी शैक्षणिक पंचांग जारी नहीं हुआ है। लेकिन शिक्षक यह मान चुके हैं कि अब बदलाव के बाद ही शैक्षणिक पंचांग जारी होगा, जिसमें वक्त लगेगा। यूपी बोर्ड के स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया जुलाई के प्रथम सप्ताह में ही शुरू होगी जो अगस्त के प्रथम सप्ताह तक चलेगी।
वहीं अर्धवार्षिक परीक्षा कार्यक्रम में भी बदलाव होगा। सितम्बर माह में होने वाली यह परीक्षा आगे खिसकेगी। अगस्त माह से बोर्ड द्वारा कक्षा 9 और 11 के छात्रों के ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाती है। साथ ही साथ बोर्ड फॉर्म भराने की प्रक्रिया भी प्रारंभ हो जाती है। इसमी भी बदलाव किया जाएगा।
बोर्ड परीक्षा कार्यक्रम में भी हो सकता है बदलाव
शिक्षक यह भी मान कर चल रहे हैं कि इस बार आगामी बोर्ड परीक्षा कार्यक्रम में भी बदलाव होगा। पिछले कुछ समय से यूपी बोर्ड परीक्षा फरवरी माह में ही प्रारंभ हो जाती थी। इस बार मार्च माह में शुरू होने की संभावना है। उसी प्रकार प्री-बोर्ड परीक्षा कार्यक्रम में भी बदलाव किया जाएगा।
सीबीएसई कर सकता है सिलेबस में बदलाव
लॉकडाउन की वजह से शिक्षण कार्य बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। सीबीएसई कक्षा 10 और 12 के सिलेबस में बदलाव करने का विचार कर रहा है। एनसीईआरटी के साथ विचार विमर्श कर घोषणा की जाएगी।
सीबीएसई स्कूलों के संगठन सहोदय की सदस्य ऋचा खन्ना ने बताया कि सीबीएसई सिलेबस में से कुछ चैप्टर कम करने का प्रयास करेगा। स्कूल खुलने के बाद ही बोर्ड द्वारा इसकी सूचना दी जाएगी।