यूपी बोर्ड में परीक्षा पास कराने के धंधे पर नकेल कसने की तैयारी शुरू हो गई है। एक स्कूल 10वीं और 12वीं में केवल 10 नए छात्रों को ही प्रवेश दे सकेंगे।
यही नहीं, कक्षा 9 व 11 के छात्रों का ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। यूपी बोर्ड इस बार ऑनलाइन पंजीकरण सोमवार से शुरू कर एक अक्तूबर तक upmsp.edu.in वेबसाइट खोल रहा है।
बोर्ड परीक्षा फार्म भरने वाले छात्रों के नामों का ऑनलाइन हुए पंजीकरण से मिलान किया जाएगा। इसके बाद पात्र छात्रों को ही परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद देश का सबसे बड़ा बोर्ड है। यूपी बोर्ड की परीक्षा में हर साल लाखों परीक्षार्थी शामिल होते हैं। बोर्ड परीक्षा में सबसे बड़ा खेल परीक्षा पास कराने का होता है।
इसके लिए मनचाहे स्कूलों से फार्म भरवाने का धंधा चलता है। छात्रों का नाम किसी स्कूल में लिखा जाता है और परीक्षा फार्म किसी दूसरे स्कूल से भरवाया जाता है।
यूपी बोर्ड ने कुछ साल पहले इस खेल पर रोक लगाने के लिए कक्षा 9 व 11 के छात्रों के पंजीकरण की व्यवस्था लागू की थी, लेकिन शिक्षा माफिया ने जिला विद्यालय निरीक्षक के बाबुओं से मिलकर इसकी हवा निकाल दी।
छात्रों का पंजीकरण बैक डेट में किया जाने लगा और यूपी बोर्ड से परीक्षा पास कराने का धंधा नहीं रुक सका। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इस बार नई व्यवस्था लागू कर दी है।
इसके मुताबिक अब स्कूल संचालक कक्षा 9 और 11 में दूसरे स्थान से पास होकर आने वाले अधिकतम 10 फीसदी छात्रों को ही प्रवेश दे सकेंगे। कक्षा 9 और 11 में जिन छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा उनका ऑनलाइन पंजीकरण किया जाएगा।
यह पंजीकरण सोमवार यानी 12 अगस्त से शुरू होकर एक अक्तूबर तक चलेगा। विभाग का मानना है कि इससे बाहरी छात्रों को परीक्षा में बैठाने के धंधे पर काफी हद तक रोक लग सकेगी।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की सचिव शकुंतला देवी यादव ने ऑनलाइन पंजीकरण के संबंध में आदेश जारी कर दिया है। इसके मुताबिक एक अक्तूबर की रात 12 बजे के बाद ऑनलाइन पंजीकरण बंद हो जाएगा।
इसके बाद स्कूल जितनी बार चाहेगा उतनी बार पंजीकृत छात्रों का विवरण चेकलिस्ट डाउनलोड करके संशोधित कर सकेगा, पर 10 अक्तूबर इसके लिए आखिरी मौका होगा।