लखनऊ। यूपी बोर्ड हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा-2027 के परीक्षा केंद्रों के निर्धारण की तैयारी शुरुआती दौर में ही लापरवाही की भेंट चढ़ती दिख रही है। जिले के 770 विद्यालयों में से केवल 14 विद्यालयों की आधारभूत सूचनाएं ही माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर अपलोड हो सकी हैं, जबकि 756 विद्यालयों का ब्योरा अब भी लंबित है। इस गंभीर स्थिति पर जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) देवेंद्र कुमार पांडेय ने सख्ती दिखाते हुए 16 नोडल प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। ये सभी नोडल प्रभारी समीक्षा बैठक से भी अनुपस्थित रहे।
परीक्षा केंद्रों का समयबद्ध निर्धारण सुनिश्चित करने के लिए विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं और भौतिक संसाधनों का विवरण यूपी बोर्ड की वेबसाइट upmsp.edu.in पर अपलोड कराया जाना है। इसके लिए जीआईसी जुबली, जीआईसी यूपी सैनिक सहित विभिन्न राजकीय हाईस्कूलों के प्रधानाचार्यों और उप-प्रधानाचार्यों को नोडल प्रभारी बनाया गया है। इनके जिम्मे संबंधित विद्यालयों की सूचनाएं पोर्टल पर अपलोड कराने की जिम्मेदारी है।
दो फीसदी विद्यालयों का भी नहीं चढ़ा पूरा ब्योरा
जिले के कुल 770 विद्यालयों के मुकाबले अब तक सिर्फ 14 विद्यालयों ने ही अपनी आधारभूत सूचनाएं पोर्टल पर अपलोड की हैं। शेष 756 विद्यालयों का डेटा लंबित होने से परीक्षा केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है।
कल फिर होगी समीक्षा डीआईओएस ने सभी नोडल प्रभारियों को 20 जुलाई तक हर हाल में संबंधित विद्यालयों की सूचनाएं पोर्टल पर अपलोड कराने के निर्देश दिए हैं। प्रगति की समीक्षा के लिए 20 जुलाई को सुबह 11 बजे बैठक बुलाई गई है।
इन नोडल प्रभारियों को नोटिस
उप प्रधानाचार्य विनोद कुमार, ज्योति पुष्प तथा प्रधानाचार्य सुमित श्रीवास्तव, अभिषेक राजभर, विजय श्री, कुसुम वर्मा, किरण यादव, प्रिया जैन, इंद्रेश मिश्रा, ऊषारानी, रेखा सिंह, अनिल कुमार शर्मा, दीप्ति पाण्डेय, अखिलेश सिंह, डॉ. पूनम और पूनम शाही को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।