अंर्तजनपदीय तबादले के शिक्षकों से कार्यमुक्ति के लिए बीआरसी पर धन उगाही के मामले में खंड शिक्षा अधिकारी वजीरगंज ममता सिंह को निलंबित किया गया है। साथ ही सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक शिक्षा विनय मोहन वन ने बीईओ के साथ ही लेखाकार व एक प्रधानाध्यापक के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए हैं। वजीरगंज में शिक्षकों से धन उगाही किए जाने की एक सूची वाटसएप ग्रुप पर वायरल हुई थी। अधिकारियों ने मामले संज्ञान लिया। शासन ने पूरी रिपोर्ट तलब की, बीएसए ने मामले की जानकारी किया। उन्होने बताया कि धन उगाही की पुष्टि होने पर रिपोर्ट भेजी गई। उधर रिपोर्ट मिलने के चंद घंटों में ही अपर शिक्षा निदेशक सरिता तिवारी ने खंड शिक्षा अधिकारी के निलंबन के आदेश जारी कर दिए।
अंर्तजनपदीय तबादले के 1085 शिक्षकों की कार्यमुक्ति में धन उगाही में खंड शिक्षा अधिकारी के साथ ही एक प्रधानाध्यापक व संविदा कर्मी भी कार्रवाई के दायरे में आ गए हैं। सहायक शिक्षा निदेशक विनय मोहन वन ने बताया कि वजीरगंज में बीईओ की कार्यप्रणाली से विभाग की छवि धूमिल हुई। शिक्षकों से उगाही के मामले में बीआरसी कैंपस के पूर्व माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक शिवशंकर सिंह और संविदा कर्मी लेखाकार विपिन कुमार की भूमिका है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया गया है कि तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएं। इसके अलावा प्रधानाध्यापक व लेखाकार के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी ममता सिंह को निलंबित करके डायट दर्जीकुआं से संबद्व किया गया है। पूरे मामले की जांच संयुक्त शिक्षा निदेशक अयोध्या को सौंपी गई है।