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यूपी: विधानसभा चुनाव से पहले आपसी मतभेद दूर करेगी भाजपा, राष्ट्रीय अध्यक्ष दे गए जीत का ये मंत्र; जानिए डिटेल

Wed, 08 Jul 2026 06:10 AM IST
रोहित मिश्र सुधीर कुमार सिंह, अमर उजाला लखनऊ

सार

 UP Assembly elections:पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के दो दिवसीय लखनऊ दौरे के बाद पार्टी ने नए तरीके से चुनावों की तैयारी करनी शुरू की हैं। 
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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI
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विस्तार
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भाजपा नेताओं के बीच मनभेद और मतभेद के कारण पार्टी को लोकसभा चुनाव 2024 में बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। भाजपा विधानसभा चुनाव 2027 में इस गलती को दोहराना नहीं चाहती। लिहाजा लखनऊ से दिल्ली तक के बड़े नेता सरकार और संगठन में खेमेबंदी पर लगाम लगाने में जुट गए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के दो दिवसीय लखनऊ दौरे में स्वागत, भाषणबाजी, मेल-मिलाप समेत हर कार्यक्रम में यही कोशिश दिखी। साफ है कि पार्टी मनभेद, मतभेद दूर कर जीत के मंत्र के साथ 2027 की पिच तैयार करने में जुट गई है।

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भाजपा अध्यक्ष के दो दिवसीय दौरे में धुर विरोधी नेताओं के एकता के प्रदर्शन से साफ है कि सभी धड़ों को शीर्ष स्तर से साफ संदेश है कि अगर 2027 में खेमेबंदी हुई तो पार्टी को फिर नुकसान होगा, जिसे शीर्ष नेतृत्व बर्दाश्त नहीं करेगा। वैसे तो यह नितिन नवीन का सांगठनिक दौरा था लेकिन जिस तरह से वह प्रदेश सरकार व संगठन के नेताओं को साथ लेकर घर-घर घूमे और एकदूसरे के दिल में जमी गर्द साफ करने की कोशिश की, उससे साफ हो गया कि आपसी लड़ाई बंद करने और विपक्ष से लड़ने की तैयारी शुरू हो गई है।
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दरअसल, चुनावी तैयारियों में जुटी भाजपा के सामने राम मंदिर में चढ़ावा चोरी और यूजीसी जैसे मुद्दे बड़ी चुनौती हैं। अयोध्या प्रकरण से पार्टी की छवि को गहरा धक्का लगा है। इससे प्रदेश सरकार, स्थानीय व दिल्ली में पार्टी नेतृत्व चिंतित है। पार्टी का मानना है कि ऐसे में अगर प्रदेश में पार्टी के बड़े चेहरे ही आपस में बंटे रहे तो 2027 में भारी नुकसान हो सकता है।

योगी के चेहरे पर विश्वास पाने की कवायद
भाजपा इस कोशिश में जुटी है कि सीएम योगी आदित्यनाथ के चेहरे को मजबूत करके ही जनता के डिग रहे विश्वास को वापस पाया जाए। यही वजह है कि पार्टी में एकदूसरे के विरोधी कहे जाने वाले नेता एक मंच पर सीएम योगी के प्रति श्रद्धा का प्रदर्शन ही नहीं कर रहे, बल्कि उनके नेतृत्व में 2027 का चुनाव लड़ने का एलान कर रहे हैं।
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सत्ता के तीनों शीर्ष केंद्रों के महत्व को दी मान्यता
नवीन ने सीएम और कई पदाधिकारियों के साथ उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के घर भोजन किया और ब्रजेश पाठक के घर आम की दावत में हिस्सा लिया। इस दौरान योगी, केशव और ब्रजेश एकदूसरे का स्वागत, सम्मान करते दिखे। इससे यही संदेश बाहर आया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इन दो दिनों में राज्य की सत्ता के इन तीनों शीर्ष केंद्रों के महत्व को मान्यता दी। साथ ही सभी मनभेद और मतभेद भुलाकर एकसाथ 2027 में यूपी में भाजपा को लगातार तीसरी बार सत्ता में लाने की जिम्मेदारी सौंपी है।

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