यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा ने अब तेजी से सियासी बिसात बिछाना शुरू कर दिया है। मंगलवार को भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े को यूपी का नया प्रभारी और राष्ट्रीय मंत्री जगदीश ईश्वर भाई पटेल को सह प्रभारी बनाया है। तावड़े महाराष्ट्र और जगदीश भाई गुजरात से हैं।
राष्ट्रीय संगठन के गठन के एक दिन बाद ही पार्टी ने मंगलवार को बिहार जैसे जातीय समीकरण के लिहाज से जटिल प्रदेश के विधानसभा चुनाव में जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले विनोद तावड़े को यूपी का प्रभारी बनाकर संगठन और चुनावी प्रबंधन में सिद्धहस्त नेता पर दांव लगाया है। माना जा रहा है कि तावड़े की रणनीति और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का चेहरा आगे करके पार्टी आगामी चुनाव जीतकर हैट्रिक बनाने के साथ ही 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए जमीन मजबूत करेगी।
विजयंत पांडा के हटने के बाद से यूपी में कोई स्थायी प्रभारी नहीं था। करीब ढाई साल बाद पार्टी ने तावड़े को नया प्रभारी बनाया है। हालांकि तावड़े अघोषित तौर पर यूपी में पार्टी का कामकाज देख रहे थे। यही वजह है कि पार्टी ने किसी नए चेहरे के बजाए तावड़े को ही यूपी की कमान सौंपी है। उन्हें यूपी का प्रभारी बनाने के पीछे भाजपा के चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
पार्टी का मानना है कि 403 विधानसभा वाले इस प्रदेश में चुनाव जीतने के लिए सिर्फ चुनावी रैलियां ही काफी नहीं हैं, बल्कि बूथ स्तर पर संगठन की मजबूती, टिकट वितरण, जातीय और क्षेत्रीय समीकरण को साधने और सहयोगी दलों से समन्वय के साथ ही पार्टी के अंदरूनी अर्न्तकलह से निपटने जैसी कई ऐसी चुनौतियों से पार पाना बड़ी चुनौती है। ऐसे में तावड़े के अनुभवों के देखते हुए ही पार्टी ने उन्हें प्रभारी की जिम्मेदारी देकर यूपी जीतने का टास्क दिया है। तावड़े के लिए यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव एक बड़ी अग्निपरीक्षा होंगे। इस समय इस फैसले को अहम इसलिए बताया जा रहा है, क्योंकि विधानसभा सीट के लिहाज से यूपी काफी बड़ा राज्य है। 2027 के चुनावों के के बाद पार्टी के सामने 2029 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए यूपी जीतना अहम है। इसलिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम में तावड़े को अहम जिम्मेदारी दी गई है।