इस मामले पर प्रदेश भाजपा संगठन ने फिलहाल चुप्पी साध ली है। वहीं पार्टी के जिम्मेदार सूत्रों का का कहना है कि विधायक ने जिस तरह से मंत्री का रास्ता रोककर अपना विरोध जताया है, उसे संगठन ने गंभीरता से लिया है। पार्टी ने विधायक के तरीके को अनुशासन के अनुरूप नहीं माना है। पार्टी नेतृत्व जल्द ही विधायक से स्पष्टीकरण लेकर आगे की कार्यवाही कर सकता है।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि समाचार मिला है कि भाजपा के विधायक बृजभूषण राजपूत ने क्षेत्र की बदहाल सड़कों, गांवों में पेयजल संकट और जल जीवन मिशन के अधूरे कार्यों को लेकर मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को बंधक बनाया। अखिलेश एक्स पर आगे लिखते हैं कि हमने तो पहले ही कहा था कि भाजपा के डबल इंजन ही नहीं डिब्बे भी आपस में टकरा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पैसे कमाने और ज़मीन कब्जाने में लगे भाजपा के मंत्री हों या विधायक, इनमें से कोई भी जनता या विकास का काम नहीं कर रहे हैं। इसीलिए जनता के गुस्से से बचने के लिए वो एक-दूसरे पर दोषारोपण कर रहे हैं। भाजपा के ही विधायक द्वारा, अपनी ही भाजपा सरकार के मंत्री को बंधक बनाना दिखाता है कि भाजपा सरकार के विधायक अब अगले चुनाव में हारने वाले हैं।
अखिलेश लिखते हैं कि वैसे ये न सोचा जाए कि ये इन दोनों के बीच की ही लड़ाई है, दरअसल ये तो केवल नमूना है, हर विधानसभा क्षेत्र में यही हाल है। इस बार भाजपा को चुनाव लड़ने के लिए प्रत्याशी ही नहीं मिलेंगे। भाजपा की सत्ता पटरी से उतर गई है। एक अन्य बयान में अखिलेश ने कहा कि क्या भाजपा के पास कोई ऐसा बुलडोजर भी है, जो लोगों के टूटे घर बना दे, उस पर मान-सम्मान का छप्पर फिर से लगा दे।