सीएम योगी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी
- फोटो : अमर उजाला
सूत्रों का कहना है कि इस तरह की शिकायतों की प्रदेश स्तर पर सूक्ष्मता से परीक्षण हो रहा है। प्रदेश मुख्यालय पर महामंत्री संगठन धर्मपाल के स्तर पर एक-एक जिले के पैनल में शामिल नामों की जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि सभी जिलों से जुड़ी शिकायतों का जल्द ही निस्तारण कर दिया जाएगा। इसके बाद ही जिलाध्यक्षों की सूची जारी की जाएगी।
26 के बाद आ सकती है सूची
सूत्रों का कहना है कि सूची जारी करने में देरी शिकायतों को दूर करने की वजह से तो हो ही रही है, लेकिन इसके पीछे एक कारण महाकुंभ का आयोजन भी है। दरअसल भाजपा के जिला स्तरीय पदाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा करने में लगाया गया है। इसके लिए पार्टी ने जगह-जगह शिविर भी लगाए हैं। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि महाकुंभ के दौरान सूची जारी होने से शिविर संचालन का काम प्रभावित हो सकता है। इसलिए अब सूची महाकुंभ के अंतिम स्नान (26 फरवरी) के समापन के बाद ही जारी की जाएगी।