उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भाजपा ने संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने शनिवार को अयोध्या में अवध क्षेत्र के जिलाध्यक्षों और जिला प्रभारियों के साथ बैठक कर चुनावी रणनीति तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने प्रत्येक बूथ के संगठनात्मक, सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों का विश्लेषण कर स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप रणनीति बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने मंडल से लेकर शक्ति केंद्र और बूथ स्तर तक संगठन की सक्रियता बढ़ाने के लिए संपर्क, समन्वय और संवाद को चुनावी तैयारियों का आधार बनाने की बात कही। तावड़े शनिवार को अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने श्रीरामलला के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। एयरपोर्ट पर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, अभय सिंह, जिला पंचायत प्रशासक रोली सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और पार्टी पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने पार्टी की विभिन्न संगठनात्मक बैठकों में हिस्सा लिया।
अवध क्षेत्र के सभी 15 सांगठनिक जिलों के जिलाध्यक्षों और जिला प्रभारियों के साथ हुई बैठक में तावड़े ने चुनावी तैयारियों को लेकर संगठन की जिम्मेदारियां स्पष्ट कीं। उन्होंने कहा कि पदाधिकारी टीम बनाकर प्रत्येक बूथ के संगठनात्मक, सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य का विश्लेषण करें। इसके आधार पर स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप चुनावी रणनीति तैयार की जाए। उन्होंने सामाजिक सहभागिता बढ़ाने पर भी जोर दिया।
तावड़े ने क्षेत्रीय पदाधिकारियों को जिलों में आयोजित होने वाले पार्टी कार्यक्रमों की नियमित निगरानी करने और उनकी प्रगति की समीक्षा करते रहने के निर्देश दिए। बैठकों में प्रदेश महामंत्री दिलीप पटेल, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रियंका रावत, त्र्यंबक तिवारी, एमएलसी अनूप गुप्ता सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में मौजूद रहे इन जिलों के प्रभारी
बैठक में अयोध्या महानगर, अयोध्या जिला, लखनऊ जिला, लखनऊ महानगर, अंबेडकरनगर, बाराबंकी, रायबरेली, उन्नाव, गोंडा, बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती, हरदोई, सीतापुर और लखीमपुर खीरी के जिलाध्यक्ष एवं जिला प्रभारी शामिल हुए। महामंत्री ने क्षेत्रीय समिति की बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने और सामाजिक एवं सेवा कार्यों को प्रभावी बनाने पर जोर दिया। कहा कि सभी क्षेत्रीय पदाधिकारी जिलों में आयोजित होने वाले पार्टी के कार्यक्रमों की नियमित मॉनीटरिंग करें और उनकी प्रगति की समीक्षा करते रहें।