सरकारी दस्तावेजों में एक अनोखी विसंगति सामने आई है। एक मां की आयु उसके पुत्र से एक वर्ष कम हो गई है। इस त्रुटि को सुधारने के लिए परिजन पिछले दो वर्ष से विभिन्न सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। उन्हें हर जगह निराशा ही हाथ लगी है। आयु निर्धारण के लिए शुक्रवार को परिजन सीएमओ कार्यालय भी पहुंचे। वहां अधिकारियों ने बताया कि उनके पास इस तरह के मामलों में जांच के कोई आदेश नहीं है, इसलिए वह कुछ नहीं कर सकते।
बंथरा हरौनी की निवासी नीता की वास्तविक उम्र करीब 60 वर्ष है। वह आधार कार्ड में दर्ज अपनी उम्र के कारण परेशान हैं। आधार कार्ड में जन्मतिथि एक जनवरी 1995 दर्ज है, जबकि उनके बेटे शैलेंद्र की जन्मतिथि एक जनवरी 1996 दर्ज है। इस गड़बड़ी ने नीता के लिए एक बड़ी समस्या खड़ी कर दी है। उन्होंने आधार कार्ड कार्यालय में कई बार अपनी उम्र सही कराने के लिए प्रयास किया लेकिन हर बार उनका आवेदन निरस्त कर दिया गया।