लखनऊ की मड़ियांव पुलिस ने मासूमों बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह का राजफाश किया है। तीन महिलाओं समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों से मिली जानकारी पर दंपती को बेची गई ढाई माह बच्ची भी बरामद हुई है। ये गिरोह पांच लाख में लड़का और तीन लाख में लड़की बेचता था। आरोपियों का नेटवर्क दिल्ली समेत आसपास के कई जिलों में फैला है।
एसीपी अलीगंज बृज नारायण सिंह ने बताया कि नवजात एवं मासूम बच्चों की तस्करी के आरोप में गोंडा के गौरपुरवा कर्नलगंज निवासी विनोद सिंह, आरजू नगर मड़ियांव निवासी डॉ. अल्ताफ, सीतापुर के शीतलपुरवा हरगांव निवासी नीरज कुमार गौतम, न्यू आनंद नगर विकासनगर निवासी कुसुम देवी, सीतापुर के गलैहरा छावनी के पास अटरिया निवासी संतोष कुमारी और सरावा महिगवां निवासी शर्मा देवी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने विकासनगर में रहने वाले दंपती को दो लाख रुपये में एक बच्ची बेची थी। दंपती को शादी के नौ साल बाद भी कोई संतान नहीं हुई थी। पुलिस ने बच्ची को बरामद कर लिया है। मासूम को चाइल्ड लाइन के हवाले किया गया है।
अस्पताल से जुड़े हैं ज्यादातर आरोपी
एसीपी ने बताया कि गिरोह का सरगना विनोद सिंह है, जो अस्पताल में मैनपावर की सप्लाई करता है। विनोद ने बताया कि वह पारा स्थित अजंता आईवीएफ सेंटर में मैनपावर सप्लाई का काम करता था। वहीं, डॉ. अल्ताफ के अजीज नगर मड़ियांव स्थित सुपर अलायंस नर्सिंग होम में बैठता था। आरोपी ने बताया कि वह टेक्नीशियन है और डायलिसिस काम भी करता है। इसके अलावा कुसुम देवी आईआईएम रोड स्थित एसएम हॉस्पिटल में और संतोष कुमारी इंदिरानगर स्थित इंदिरा आईवीएफ सेंटर में मरीजों की देखरेख करती थीं।