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यूपी: आईटीआई पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव, चल रहे 206 पुराने कोर्स होंगे बंद; ड्रोन-एआई सेलेबस में होंगे शामिल

Tue, 10 Jun 2025 07:36 AM IST
रोहित मिश्र अक्षय कुमार, अमर उजाला, लखनऊ

सार

Change in ITI syllabus :आईटीआई को आज की जरूरत के अनुसार रोजगारपरक बनाने के लिए वहां पहले से चल रहे 206 पुराने पाठ्यक्रमों को बदला जा रहा है।
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आईटीआई पाठ्यक्रमों में होगा बदलाव। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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 प्रदेश के राजकीय व निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में आज की जरूरत के अनुसार पठन-पाठन को अपग्रेड किया जा रहा है। इसके तहत 206 पुराने पाठ्यक्रम को बंद किया जाएगा। वहीं ड्रोन तकनीकी, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, रोबोटिक्स जैसे आज की जरूरत के अनुसार कोर्स शुरू किए जाएंगे।

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राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (एससीवीटी) ने इस पर काम तेज कर दिया है। आईटीआई में नए सत्र 2025-26 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। पिछले सालों में हुए कम प्रवेश को देखते हुए यहां के कोर्सों को अपग्रेड करने की कवायद तेजी से शुरू हो गई है। एससीवीटी की ओर से हाल में एक सर्वे कराकर यह देखा गया कि वह कौन से कोर्स हैं, जहां पिछले पांच साल में लगातार 30 प्रतिशत से कम प्रवेश हो रहे हैं। ऐसे में अब इन पाठ्यक्रमों को रिव्यू करके बंद किया जाएगा।

साथ ही भविष्य की जरूरत के अनुसार नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे, ताकि यहां से पढ़ाई के बाद निकलने वाले विद्यार्थियों को आसानी से रोजगार मिल सकेगा। व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने बताया कि उद्योगों व वर्तमान की जरूरत के अनुसार पाठ्यक्रम को अपग्रेड व बंद किया जाएगा। न्यू एज पाठ्यक्रमों को शुरू करने पर पूरा जोर है।

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सिलाई की जगह फैशन डिजाइनिंग

 जिन आईटीआई में सिलाई तकनीकी का कोर्स चल रहा है, उसकी जगह पर अब फैशन डिजाइनिंग पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। ऐसे ही इलेक्ट्रोप्लेटर व सीट मेटल जैसे पुराने पाठ्यक्रम को बंद किया जाएगा। वहीं एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन व लेजर तकनीकी, मशीन लर्निंग, सोलर तकनीकी आदि पाठ्यक्रम को शुरू किया जाएगा। सभी जिलों के आईटीआई प्राचार्यों से उनके यहां चल रहे पाठ्यक्रमों के बारे में जानकारी मांगी गई है। स्थानीय स्तर पर कौन-कौन से पाठ्यक्रमों में छात्र रुचि ले रहे हैं, वह कितने रोजगारपरक हैं, इसकी भी जानकारी ली गई है। हमारा पूरा फोकस उद्योगों की मांग और विद्यार्थियों की पसंद के अनुसार पाठ्यक्रम में पढ़ाई का अवसर देने का है। यह उद्योगों की मांग भी पूरी करेगा और छात्रों को भी रोजगार के बेहतर अवसर देगा।
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