बसपा विधायक उमाशंकर सिंह और उनके करीबियों के ठिकानों पर आयकर विभाग के छापों में बड़ा खुलासा हुआ है। बीते तीन दिन से लखनऊ, मिर्जापुर और सोनभद्र में विधायक के करीबियों के ठिकानों पर छानबीन में खनन के बेनामी पट्टे लेने का पता चला है। खासकर राजधानी के सदर बाजार निवासी इश्तियाक ने सर्वाधिक बेनामी पट्टे लिए थे। उसे पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति का करीबी भी बताया जाता है।
आयकर विभाग विधायक और उनके करीबियों के ठिकानों पर छानबीन में मिले सबूतों के आधार पर टैक्स चोरी का आकलन कर रहा है। हालांकि बड़े पैमाने पर अघोषित लेन-देन के सामने आने की वजह से इसमें देरी हो रही है। सूत्रों की मानें तो विधायक और उनके करीबियों पर टैक्स चोरी का आकलन होने के बाद उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। खासकर अवैध खनन की कमाई को निवेश करने के मामले में वह बुरी तरह फंस सकते हैं। इंवेस्टिगेशन विंग द्वारा आगे इस प्रकरण को बेनामी संपत्ति निषेध इकाई को ट्रांसफर करने से उनको पाई-पाई का हिसाब देना पड़ेगा।