सीएम योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस के एक बड़े नेता का जिक्र करते हुए कहा कि अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने 1923 में वंदे मातरम गाने से इंकार कर दिया था। जब उनका अंतिम समय आया तो उन्होंने इच्छा व्यक्त की कि येरूशलम में मरूं। तब बाबा साहब ने टिप्पणी की थी कि जो व्यक्ति भारत में पैदा होकर यहां की सुविधा का उपभोग करके भी भारत की धरती को पवित्र न मानता हो, उसका वक्तव्य कभी भी भारतवासियों के हित में नहीं हो सकता। सीएम ने कहा कि तुष्टिकरण की नीति पर चलने वाले दल न केवल भारत का अहित कर रहे हैं, बल्कि बाबा साहब भीमराव आंबेडकर का भी अपमान कर रहे हैं। देशवासियों को उनकी सुविधाओं से वंचित करने की कुत्सित चेष्टा भी कर रहे हैं।
योगी ने कहा कि बाबा साहब की शिक्षाओं से प्रेरित होकर पीएम मोदी के नेतृत्व मे देश के अंदर अभियान चल रहा है। बाबा साहब के बनाए संविधान की प्रस्तावना में तीन महत्वपूर्ण शब्द न्याय, समता और बंधुता रखे थे। पीएम मोदी ने सबका साथ, सबके विकास के भाव के साथ योजनाओं का लाभ पहुंचाया।
पंचतीर्थ निर्माण, अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ी, दलित जाति के छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति समेत अन्य सुविधाएं भी इसी सोच का हिस्सा है। हर मलिन, दलित, अनुसूचित जाति- जनजाति बस्तियों को बेहतर कनेक्टिविटी दे रहे हैं। अतिथियों का स्वागत आंबेडकर महासभा के अध्यक्ष व विधान परिषद सदस्य डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण, महापौर सुषमा खर्कवाल आदि मौजूद रहे।